सर्कल रेट बढ़ने पर अधिवक्ताओं ने किया विरोध, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

दुद्धी(मदन मोहन तिवारी )। सोमवार को अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित सर्कल रेट लिस्ट-2026 के विरोध में प्रदर्शन कर तहसीलदार अंजनी गुप्ता के माध्यम से जिलाधिकारी और जिला निबंधक अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि इस प्रस्तावित सूची को तत्काल वापस लिया जाए और वर्ष 2024 की दरों में आवश्यक संशोधन के बाद ही नई सूची जारी की जाए।
दुद्धी बार अध्यक्ष कुलभूषण पांडेय, रामपाल जौहरी, प्रेमचंद यादव, नंदलाल अग्रहरी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने बताया कि दुद्धी तहसील अनुसूचित जनजाति बाहुल्य और आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है, जहां अधिकांश लोग कृषि और मजदूरी पर निर्भर हैं। प्रस्तावित रेट लिस्ट लागू होने से नगर पंचायत, अर्धनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के मूल्यांकन में 200 से 300 प्रतिशत तक की वृद्धि हो जाएगी। इससे गरीब और आदिवासी परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि नई रेट लिस्ट तैयार करते समय क्षेत्र की वास्तविक भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन नहीं किया गया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क किनारे की भूमि के मूल्यांकन, कृषि भूमि को आवासीय दर से आंकने और गैर-कृषि गतिविधियों पर अतिरिक्त मूल्यांकन वृद्धि जैसे प्रावधानों को पूरी तरह अव्यावहारिक बताया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि दुद्धी तहसील के कई गांव अभी भी मुख्य मार्गों से नहीं जुड़े हैं, फिर भी उन्हें उच्च श्रेणी के मूल्यांकन क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा लिए जाने वाले अतिरिक्त दो प्रतिशत शुल्क को भी समाप्त करने की मांग की गई है।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि आदिवासी और गरीब जनता के हितों की अनदेखी कर प्रस्तावित रेट लिस्ट लागू की गई, तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने शासन से दुद्धी की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नई रेट लिस्ट पर पुनर्विचार करने की मांग की। इस अवसर पर सिविल बार सचिव अंजनी सिंह, आलोक सिंह, अभिनाथ यादव, सूर्यमणि यादव, पीयूष अग्रहरी, संजय यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



