राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव चाची कला में पंचतत्व में विलीन हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश चतुर्वेदी

कोन /सोनभद्र।(आनन्द जायसवाल)
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधान परिषद सदस्य एवं कुशल संगठनकर्ता जयप्रकाश चतुर्वेदी सोमवार को अपने पैतृक गांव चांची कला में राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। शनिवार देर रात लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से भाजपा संगठन ही नहीं, बल्कि पूरे सोनभद्र जनपद में शोक की लहर दौड़ गई।
रविवार को उनका पार्थिव शरीर प्रदेश भाजपा कार्यालय, लखनऊ ले जाया गया, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव शरीर भाजपा जिला कार्यालय, सोनभद्र पहुंचा, जहां जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम दर्शन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। देर रात पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास चांची कला पहुंचा, जहां सुबह से ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
सोमवार को एसडीएम ओबरा रवि पासवान की उपस्थिति में प्रशासन की ओर से दिवंगत नेता को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उनके भतीजे सुशील कुमार चौबे ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।
अंतिम यात्रा में सदर विधायक भूपेश चौबे, सांसद छोटेलाल खरवार, समाज कल्याण मंत्री संजीव गौड़, जिला अध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता, पूर्व जिला अध्यक्ष अजीत चौबे,वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मवीर तिवारी, थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा, मंडल अध्यक्ष रामलाल चेरो, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुनील जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शशांक शेखर मिश्रा, विभिन्न विभागों के अधिकारी, भाजपा के जिला, मंडल एवं बूथ स्तर के पदाधिकारी तथा हजारों की संख्या में कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी शामिल हुए।
जयप्रकाश चतुर्वेदी का राजनीतिक और सामाजिक जीवन अनुशासन, सादगी तथा राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में अपनी सार्वजनिक यात्रा शुरू की और बाद में भाजपा के संगठन मंत्री, पूर्व विधान परिषद सदस्य तथा रॉबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की उनकी कार्यशैली उन्हें एक लोकप्रिय एवं सम्मानित नेता बनाती थी।
उनके निधन पर वक्ताओं ने कहा कि जयप्रकाश चतुर्वेदी ने अपना पूरा जीवन संगठन और समाज की निस्वार्थ सेवा को समर्पित किया। उनका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीय व्यवहार और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके निधन से भाजपा संगठन और सोनभद्र के सार्वजनिक जीवन में एक ऐसी रिक्तता उत्पन्न हुई है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी।



