किशोर की मौत मामले में बिजली विभाग के जेई व एसडीओ पर मुकदमा दर्ज, पूर्व विधायक के पहल के बाद हुई कार्रवाई

कोन /सोनभद्र(आनन्द जायसवाल)
कोन थाना क्षेत्र के ग्राम पड़रछ टोला विपरहवा में जर्जर 11 हजार तार की चपेट में आने से हुई 16 वर्षीय किशोर संदीप कुमार यादव की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) एवं उपखंड अधिकारी (एसडीओ) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक के पिता रमाशंकर यादव की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 9 जून 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे संदीप कुमार यादव पुत्र रमाशंकर यादव अपने मवेशियों को पानी पिलाने और उनकी देखभाल के लिए घर से निकला था। घर से करीब 300 मीटर दूर खेत के पास बिजली विभाग का 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार जर्जर अवस्था में नीचे की ओर झूल रहा था। इसी दौरान संदीप अनजाने में तार की चपेट में आ गया, जिससे करंट लगने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। किशोर का शव तार के नीचे पड़ा देख पूरे गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
मृतक के पिता रमाशंकर यादव का आरोप है कि उक्त जर्जर और नीचे लटक रहे तार की शिकायत पहले भी तहसील दिवस सहित अन्य माध्यमों से संबंधित अधिकारियों से की गई थी। इसके बावजूद विभाग द्वारा न तो तार बदला गया और न ही उसकी मरम्मत कराई गई। शिकायतों की अनदेखी के कारण यह दुखद हादसा हुआ।
मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त था। परिजनों की मांग पर पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने अधिकारियों और पुलिस प्रशासन से लगातार वार्ता की। घंटों मशक्कत और प्रयास के बाद आखिरकार बिजली विभाग के जेई एवं एसडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
इस दौरान मुकेश यादव, अशोक निराला,आशीष यादव, जिला पंचायत सदस्य छविंद्र चेरो, मोहन यादव, दिनेश यादव, ओमप्रकाश यादव तथा चन्दन शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कोन पुलिस ने 10 जून 2026 को एफआईआर संख्या 0107/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक हवलदार पाल को सौंपी गई है। ग्रामीणों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में जर्जर विद्युत तारों को तत्काल बदलने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



