इनामिया स्टाफ नर्स और सहयोगी दाई गिरफ्तार मुख्य आरोपी की तलाश जारी

कोन/सोनभद्र (आनन्द जायसवाल) कस्बा कोन स्थित ग्लोबल हास्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के दौरान आशा बहू सीमा देवी की मौत के चर्चित मामले में कोन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 10 हजार रुपये की इनामिया स्टाफ नर्स सलमा तथा उसकी सहयोगी दाई जौरुन बीबी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। मामले का मुख्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
जानकारी के अनुसार, बागेसोती (सिंगा) निवासी आशा बहू सीमा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर कोन स्थित ग्लोबल हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में अवैध रूप से चिकित्सा सेवाएं संचालित की जा रही थीं। प्रसव के दौरान किए गए आपरेशन के बाद सीमा देवी की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था तथा अस्पताल के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोन मे मुकदमा अपराध संख्या 104/2026 के तहत धारा 105, 318(4) बीएनएस एवं 34 राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान स्टाफ नर्स सलमा की भूमिका सामने आने पर उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी ओबरा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने रविवार को सलमा पत्नी आसिफ मोहम्मद निवासी देवाटन, थाना कोन तथा उसकी सहयोगी दाई जौरुन बीबी पत्नी करीमन निवासी सिसरी बनखेता, थाना खरौधी, जिला गढ़वा (झारखंड) को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अखिलेश मिश्रा, शिव प्रकाश यादव चौकी प्रभारी चकरिया, हेड कांस्टेबल शिव कुमार यादव, महिला आरक्षी स्वधा सिंह तथा महिला आरक्षी सौम्या तिवारी शामिल रहीं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा। अवैध अस्पतालों एवं फर्जी चिकित्सा गतिविधियों के विरुद्ध पुलिस और प्रशासन की कारवाई लगातार जारी है।



