आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर 500 ग्रामीण हर घर नल योजना नही पहुची बेलहत्थी के बड़वान के टोले तक
म्योरपुर/सोनभद्र (विकास अग्रहरि) केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल जल योजना के बावजूद म्योरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेलहत्थी के बड़वान, रजनी, थाड़पत्थर समेत कई टोले के लगभग 500 ग्रामीण आज भी स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं। सड़क और पेयजल सुविधाओं के अभाव मे ग्रामीण ओबरा जलाशय के किनारे स्थित चूआड़ का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में अब तक हर घर नल जल योजना के तहत पाइपलाइन तक नहीं बिछाई गई है। वहीं सड़क न होने के कारण पंचायत का पानी टैंकर भी इन टोलों तक नहीं पहुंच पाता। ऐसे में आदिवासी परिवार अपनी प्यास बुझाने के लिए ऊंची चढ़ाई पार कर जलाशय किनारे जमा पानी पर निर्भर हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य संपत खरवार सहित रघुबीर, राम खेलावन, बृजमोहन, राम प्रसाद, रमेश खरवार, रुक्मिणी और जीरमनिया ने बताया कि गांव में लगे एक-दो हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। मजबूरी में ग्रामीण दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं, जिससे लोग अक्सर बीमार पड़ते रहते हैं। इसका सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व गांव में नौ बच्चों की मौत हुई थी, जबकि सात वर्ष पहले अज्ञात बीमारी के कारण 32 लोगों की जान चली गई थी। उस समय भी दूषित पानी को बीमारी और मौतों का प्रमुख कारण माना गया था। इसके बावजूद आज तक शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पेयजल संकट दूर करने तथा खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग की है। इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि सड़क के अभाव में टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाना संभव नहीं है।



