निषाद पार्टी ने मुख्यमंत्री नामित पत्रक सदर ,ओबरा समेत घोरावल तीनों विधायकों को सौंपा
डाला/सोनभद्र(जगदीश तिवारी/ राकेश अग्रहरी) निषाद पार्टी द्वारा जनपद के तीन विधायकों को मझवार ,तुरैहा समेत निषाद, केवट, मल्लाह आदि जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री नामित पत्रक सौंपा गया। पत्रक सौंप कर जिलाध्यक्ष अनिकेत निषाद ने बताया कि अधिनियम 1994 में संशोधन कर निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिंद, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी एवं मछुआ जातियों को पिछड़े वर्ग की सूची से हटाया गया था। इसके बावजूद जनपद एवं तहसील स्तर पर इन जातियों के लोगों को अभी भी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है, जो शासनादेश एवं संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।जबकि 10 अगस्त 1950 की राष्ट्रपति अधिसूचना, 1961 के सेंसस मैन्युअल, 29 अगस्त 1977 के भारत सरकार के शासनादेश तथा विभिन्न राजस्व परिषद अभिलेखों का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि मझवार, तुरैहा तथा उनकी पर्यायवाची जातियां अनुसूचित जाति के समूहों में सूचीबद्ध हैं। सोनभद्र जनपद के सदर विधायक भूपेश चौबे, ओबरा विधायक संजीव कुमार गोंड़, घोरावल विधायक अनिल मौर्य को राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री नामित पत्र सौपकर उत्तर प्रदेश में मझवार, तुरैहा तथा उनसे संबंधित निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिंद, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी, मछुआ सहित अन्य जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग की गई है। इस दौरान दयाशंकर निषाद प्रदेश महासचिव, शिवेंद्र निषाद जिला संयोजक, छोटेलाल साहनी, राम सुंदर, मुनिया देवी , पिंटू, प्रदीप, फूलचंद चौधरी, विनय, राकेश, लाल साहब, लाल जी, विनोद चौधरी, राज नारायण आदि लोग मौजूद रहे।

