जर्जर तार पोल के सहारे चल रही कोन की बिजली व्यवस्था
कोन/सोनभद्र (आनन्द जायसवाल) कोन क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था इन दिनों जर्जर हो चुके तारों और पोल के सहारे संचालित हो रही है। डाला विद्युत उपकेंद्र से कोन उपकेंद्र तक लगभग 33 किलोवोल्ट की लाइन पर लगे कई तार और विद्युत पोल पुराने एवं क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसका खामियाजा क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली बाधित होने के रूप में भुगतना पड़ रहा है। विजयशंकर जायसवाल,अनुज जायसवाल,लल्लन तिवारी,राजीव कुमार,संतोष कुमार,ओमप्रकाश गुप्ता समेत दर्जनों स्थानीय लोगों का कहना है कि हर दो से चार घंटे के अंतराल पर लाइन में फाल्ट आ जा रहा है, जिससे बिजली आपूर्ति बार-बार ठप हो जाती है। स्थिति यह है कि नियमित रूप से दस घंटे भी निर्बाध विद्युत आपूर्ति नही मिल पा रही है। उमस भरी गर्मी और खेती के मौसम में लगातार हो रही कटौती से किसानों के साथ-साथ घरेलू उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पर्याप्त बिजली न मिलने से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं अधिकांश गांवों में लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है, जिसके कारण मोटर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। इससे लोगों की दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
विद्युत विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि क्षेत्र में विद्युत भार लगातार बढ़ने से लाइन पर ओवरलोडिंग हो रही है। इसी कारण बार बार फाल्ट की समस्या उत्पन्न हो रही है। कर्मचारियो के अनुसार पुराने तार और पोल भी इस समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।
क्षेत्रीय उपभोक्ताओं ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि डाला से कोन उपकेंद्र तक की 33 केवी लाइन का सर्वे कराकर जर्जर तारों एवं पोलों को शीघ्र बदला जाए तथा क्षमता के अनुरूप आवश्यक तकनीकी सुधार किए जाएं। लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान होने पर ही क्षेत्र को निर्वाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।


