नगर के प्रथम चेयरमैन गोपालदास जायसवाल का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन

नगरवासियों ने नम आंखों से दी भावभीनी विदाई
दुद्धी, सोनभद्र। नगर के प्रथम चेयरमैन गोपाल दास जायसवाल को नगरवासियों समेत विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने नम आंखों से भावभीनी विदाई दी।बुधवार को कनहर व ठेमा नदी के संगम तट पर उनके पुत्र उत्कर्ष जायसवाल ने मुखग्नि दी और पंचतत्व में विलीन हो गये।
दुद्धी नगर पंचायत के गठन के बाद पहली बार अपने सरल व मृदुभाषी स्वभाव के कारण वर्ष 1988 से 2005 तक नगर चेयरमैन का पद सुशोभित करने वाले श्री जायसवाल के निधन की खबर से समाज का हर तबका मर्माहत दिखा। उनके आवास पर मंगलवार की रात्रि से ही लोगों का अंतिम दर्शन के लिए हुजूम उमड़ा रहा। हर कोई उनकी एक झलक पाने को बेताब दिख रहा था। सबके सुख दुःख के साथी हरदिल अजीज 72 वर्षीय श्री जायसवाल ने अपने 17 वर्षों के कार्यकाल अनेकों ऐतिहासिक कार्य किये।मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने उन्हें सीएचसी में दिखाकर,बेहतर इलाज के लिए वाराणसी लेकर निकल पड़े। इस बीच राबर्ट्सगंज पहुंचते ही शाम करीब 7 बजे उनकी सांसे थम गई। उनके निधन की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गयी। पूरी रात उनके अंतिम दर्शन का क्रम चलता रहा। बुधवार को दोपहर करीब दो बजे कनहर ठेमा नदी के संगम तट पर उनके पुत्र उत्कर्ष जायसवाल ने मुखग्नि दी और वे पंचतत्व में विलीन हो गये।
विभिन्न संगठनों ने शोकसभा कर दी श्रद्धांजलि
दुद्धी- नगर के प्रथम चेयरमैन गोपाल दास जायसवाल के निधन पर नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन की अध्यक्षता में सभी सभासदों एवं कर्मचारियों ने अपने पूर्व चेयरमैन श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं व्यापार मंडल एवं दुद्धी व सिविल बार एसोसिएशन ने भी शोकसभा आयोजित कर अपने पूर्व चेयरमैन को श्रद्धांजलि दी।



