एसडीएम निखिल यादव ने किया सीएचसी का औचक निरीक्षण
कार्यों में लापरवाही बरतने पर 2 स्टाफ से तलब की स्पष्टीकरण
दुद्धी, सोनभद्र। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मंगलवार को उपजिलाधिकारी निखिल यादव ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 2 स्टाफ द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर स्पष्टीकरण तलब की।
सवा 11 बजे पहुंचे एसडीएम
सर्वप्रथम ऑफिस पहुंचकर उपस्थिति पंजिका का अवलोकन कर केंद्र अधीक्षक डॉ शाह आलम अंसारी से एक-एक स्टाफ की लोकेशन ली। पंजीकरण कक्ष पर भीड़ देख काउंटर पर पहुंचे तो पता चला कि स्टाफ की कमी से जूझ रहे अस्पताल में एक व्यक्ति को दैनिक मजदूरी पर रख पर्ची कटवाई जा रही है जबकि ट्रेनिंग कर रहे दो लड़के सहयोगी बने थे। 11.45 तक 307 पर्ची कट चुकी थी। मौके पर मौजूद बीपीएम संदीप सिंह से मरीजों की आवक संख्या के बाबत जानकारी लेने के पश्चात मरीजों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं पर कई सवाल किये। दवा वितरण कक्ष पहुंचकर फार्मासिस्ट रामसागर मौर्या से दवाओं का स्टॉक, एक्सपायरी व स्टाफ की जानकारी ली। बताया कि मौजूदा समय में मरीजों की आवक ज्यादा है। चीफ फार्मासिस्ट का एक्सीडेंट हो जाने के व स्टाफ की कमी के कारण फार्मेसी की ट्रेनिंग कर रहे बच्चों के साथ दवा वितरण का कार्य संपादित किया जा रहा है। पैथालॉजी कक्ष में एलटी सीताराम से जाँच की जानकारी ली। टाईफाइड किट खत्म हो जाने के कारण जांच न हो पाने की दशा में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किट लोकल स्तर पर परचेज के निर्देश दिए। एसडीएम श्री यादव सीएचसी की बहिरंग विभाग की भीड़ एवं अंतरंग विभाग के तहत वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या देख एक ओर जहां प्रफुल्लित हुए, वहीं दूसरी ओर बेड की कमी से प्रतीक्षालय, गैलरी व बेंच पर लिटाकर मरीजों को पानी चढ़ता देख संसाधनों की कमी से जूझ रहा अस्पताल ने स्वतः अपने दुर्व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। दवा भंडारण कक्ष पहुंच फार्मासिस्ट संजय श्रीवास्तव से दवाओं उपलब्धता का स्टॉक रजिस्टर से मिलान करते हुए विगत 18 दिन से स्टॉक मेंटेन न होने पर नाराजगी जताई। एसडीएम निखिल यादव ने रिस्परेटरी सलूशन एक्सपायर दवा रैक पर लगा देख तत्काल उन्हें हटाने का निर्देश दिया। ओपीडी, आईपीडी, वार्ड, एनबीएस यूनिट समेत अन्य कई कक्षों का जायजा लिया। करीब घंटे भर के निरीक्षण के पश्चात वे अस्पताल के लिए अपेक्षित संशाधन एवं स्टाप की कमी की बाबत सभी तथ्यों का जिक्र करते हुए लिखित तौर पर जिलाधिकारी को अवगत करा उपलब्ध कराने की बात कही।



