अधिवक्ताओं ने जिला बनाओ विकास कराओ की आवाज बुलंद की

दुद्धी, सोनभद्र। जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा ने शनिवार को जिला बनाओ विकास कराओ की आवाज जोरदार ढंग से बुलंद करते हुए, कचहरी गेट से जुलूस निकालकर तहसील परिसर पहुँच जोरदार प्रदर्शन किया। दुद्धी एवं सिविल बार के अधिवक्ताओं का समूह न्यायिक कार्य से विरत रहकर कोर्ट परिसर से जिला बनाओ विकास कराओ के नारे लगाये।
सिविल बार अध्यक्ष रामलोचन तिवारी, दुद्धी बार अध्यक्ष रामपाल जौहरी, जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा के महासचिव प्रभु सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि शनिवार को अखबारों में छपी खबर दुद्धी को जिला बनाने का मानक पूरा नहीं होता तथा सरकार की योजना दुद्धी को जिला बनाने की अभी नहीं है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विगत दिनों चुनाव में सरकार में बैठे हुए कई बड़े नेता वादा किए थे। हमारी सरकार बनेगी तो हम दुद्धी को जिला अवश्य बनाएंगे। लेकिन अब सरकार बन जाने पर वादा खिलाफी करते हुए दुद्धी को जिला बनाने कि उनकी मंशा नहीं है। इस बात जनता के साथ छलावा है जिसे इस क्षेत्र के आदिवासी जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
जबकि जनपद सोनभद्र के कैमूर पर्वत के दक्षिण भाग जो जिला दुद्धी जिला के लिए प्रस्तावित है, इसके अंतिम छोर की दूरी जिला मुख्यालय से 150 से 200 किलोमीटर है। जनपद को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व झारखंड की सीमाएं स्पर्श करती हैं। दुद्धी तहसील के 305 राजस्व ग्राम 84 तथा नवसृजित ओबरा तहसील के 84 राजस्व ग्राम सम्मलित है। तहसील के अंतर्गत 14 थाना तथा 5 विकास खंड कार्यालय कार्यरत है। आबादी 14 लाख तथा क्षेत्रफल 3380 किलोमीटर है। दुरूह क्षेत्र होने के साथ-साथ यहां प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है। शासकीय तथा गैर शासकीय राष्ट्रीय स्तर की कई फैक्ट्रियां हैं। देश की विद्युत आवश्यकताओं का 10% उत्पादन इसी क्षेत्र से होता है। शामली में 284, बागपत 287,हापुड़ में 331तथा गौतमबुध नगर में 381 राजस्व ग्राम होने के बाद भी जिले का दर्जा दे दिया गया। लेकिन दुद्धी को घोषणा के बाद भी जिला नही बनाया गया। ओबरा को तहसील, कोन को ब्लाक समेत कई नए थाने बनाये जाने के बाद भी दुद्धी को जिला घोषित न कर सरकार द्वारा वादाखिलाफी की जा रही हैै। वक्ताओं ने कहा कि दुद्धी को जिला नही बना तो बड़े सभा का आयोजन कर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर प्रेमचंद यादव, आई जेड खान, कुलभूषण पांडेय, राकेश श्रीवास्तव, रामजी पांडेय, उमेश गुप्ता, पी सी गुप्ता, वीरेंद्र, रेणु समेत भारी संख्या में अधिवक्ता व मोर्चा के लोग उपस्थित रहे।



