अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय वाणिज्य जहाजों पर कायरता पूर्ण हमला और चालक दल के तीन नाविक की मौत पर वामदलों का प्रतिवाद

सोनभद्र (ओम प्रकाश गुप्ता) कम्युनिस्ट नेताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अमेरिकी सरकार के खिलाफ विरोध जताया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने होर्मुज (जलडमरूमध्य ) से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए कायरतापूर्ण हमले, जिसमें भारतीय चालक दल के तीन नाविकों की मौत पर संयुक्त रुप से कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया और इस सम्बन्ध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया तथा राष्ट्रपति को सम्बोधित जिलाधिकारी को सौंपा।
संयुक्त वामदलों द्वारा ज्ञापन में कहा गया कि अमेरिकी प्रशासन की ये कार्रवाइयां संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्रों में मुक्त नौवहन के सिद्धांतों के विरुद्ध है। अमेरिका पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व थोपने की कोशिश करने वाले किसी गुण्डे की तरह व्यवहार कर रहा है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
आगे कहा गया कि भाजपा नीत केन्द्र सरकार स्वतंत्र विदेश नीति से पीछे हटकर अमेरिका की कनिष्ठ साझेदार बनने के कारण अपने कर्तव्यों का घोर उल्लंघन कर रही है। इस घटना पर सरकार की कमजोर प्रतिक्रिया और अमेरिका से माफी मंगवाने में उसकी विफलता इसका ताजा उदाहरण है। यह भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का अपमान है।
ईरान और पश्चिम एशिया के खिलाफ अमेरिकी हमलों ने उर्जा लागत में वृद्धि, उर्वरकों तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं में कमी पैदा करके वैश्विक अर्थव्यवस्था को गम्भीर रूप से प्रभावित किया है।
ज्ञापन में केंद्र सरकार से मांग की गई कि केंद्र सरकार मारे गए नाविकों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देना सुनिश्चित करे, भारत सरकार नाविकों की हत्या के लिए अमेरिकी सरकार की कड़ी निन्दा करे तथा कूटनीतिक विरोध दर्ज कराए और अमेरिकी दबाव में आए बिना स्वतंत्र विदेश नीति का अनुपालन सुनिश्चित करे।
प्रतिवाद कार्यक्रम में भाकपा जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, माकपा के जिला मंत्री कामरेड नन्द लाल आर्या, किसान सभा के नेता कामरेड प्रेम नाथ, राजबली, कामरेड उदय प्रकाश, कामरेड राम बचन व कामरेड लाल बहादुर आदि कम्युनिस्ट कार्यकर्ता शामिल रहे।




