बिन ब्याही मां बनी आदिवासी युवती का प्रेमी संग हुआ विवाह

आदिवासी समाज के अगुआओं का प्रयास लाया रंग
दुद्धी, सोनभद्र। बिन ब्याही मां बनी आदिवासी युवती की प्रेम कहानी शुक्रवार को उसके प्रेमी के साथ शादी के बाद पटाक्षेप हो गया।
गत 9 जुलाई को सीएचसी में भर्ती बिन ब्याही मां बनी आदिवासी किशोरी कुछ समय के लिए कभी अस्पताल वालों के लिए तो कभी पुलिस के लिए सिरदर्द बनी थी। आदिवासी किशोरी के परिजन जहां उसे घर ले जाने के लिए तैयार नही थे, वहीं आदिवासी किशोरी से संबंध बनाने वाले युवक व उसके परिवार के लोग चुप्पी साधे हुए थे। कनहर नदी के दोनों तट पर आमने सामने आबाद गांव निवासी प्रेमी-प्रेमिका को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम था। विंढमगंज पुलिस ने मामले में कथित प्रेमी के विरुद्ध 376 पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आदिवासी युवती को जिला पर नारी निकेतन भेज दिया था। इस बीच आदिवासी समाज के लोगों द्वारा लड़के व उसके परिवार को राजी कर शादी का मसौदा तैयार किया गया।शुक्रवार को मलदेवा गाँव स्थित वीरांगना महारानी दुर्गावती स्मारक स्थल पर विवाह कार्यक्रम को संपन्न कराया गया आदिवासी नवयुवक जोड़ी संतलाल पुत्र श्री माता प्रसाद ग्राम पिपरडीह व ममता पुत्री रामसुभग ग्राम सभा कोर्गी की शादी समाज के संभ्रांत लोगों की उपस्थिति में प्रमुख गौरी धर्माचार्य सरदार सिंह गोड़वा रामधनी के द्वारा संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के संयोजक फौजदार सिंह परस्ते जिलाध्यक्ष आदिवासी महासंघ के शंभू सिंह गौड़ व समाजसेवी रामखेलावन सिंह गौड़ की उपस्थिति में संपन्न हुआ। वैवाहिक कार्यक्रम में राम शरण सिंह, हीरामणि सिंह, देवकली, जोखू सिंह, माता प्रसाद, लालमन, बाबूलाल, शांति, सुंदरी, लक्ष्मी, सुनीता आदि लोग उपस्थित थे।



