फसलों के अपशिष्ट जलाने पर 15 हजार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है – उपजिलाधिकारी

घोरावल/सोनभद्र (अनुराग पांडेय) घोरावल उपजिलाधिकारी आशीष त्रिपाठी ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि गेहूं की फसल काटने के बाद फसल अवशिष्ट में आग लगाने पर कड़ी कारवाई की जाएगी। कई बार कृषक लोग यह सोचते हैं कि इस फसल अपशिष्ट को जला दिया जाए,इसका कोई वैज्ञानिक फायदा नही है बल्कि प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है। इसके संबंध में बताना है कि फसल अपशिष्ट को खेतों में जलाना अवैधानिक है। इसके लिए ₹15000 तक का जुर्माना हो सकता है साथ ही संबंधित थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा सकती है। फसल अपशिष्ट को जलाने से प्रदूषण होता है मुख्य रूप से वायु प्रदूषण और मिट्टी की गुणवत्ता नष्ट होती है क्योंकि आग लगने से मिट्टी में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवाणु मृतक हो जाते हैं। सभी जनसाधारण को सूचित किया जाता है कि फसल अपशिष्ट अपने खेतों में ना जलाएं यदि कोई घटना सेटेलाइट के माध्यम से प्राप्त होती है तो उसपर डांडिक कार्रवाई की जाएगी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा। साथ ही यह भी अवगत कराना है कि फसल अपशिष्ट को जलाने की घटना सेटेलाइट के माध्यम से प्रदेश मुख्यालय पर एवं दिल्ली मुख्यालय पर डायरेक्ट पता चल जाती है और नोट कर ली जाती है सेटेलाइट के माध्यम से जिस स्थान पर आग लगाई जाती है उसके अक्षांश एवं देशांतर प्राप्त हो जाते हैं। इन कोआर्डिनेट के माध्यम से इस स्थान पर पहुंचा जा सकता है। इसलिए किसानों को इस तरह के कृत्य से बचने चाहिए। क्षेत्रीय लेखपालों को अपने अपने क्षेत्र में निगरानी के लिए लगाया भी गया है।



