जिलाधिकारी की सख्ती: आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर लेखपाल निलंबित, कई अधिकारियों का वेतन रोका

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) जन शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और राजस्व कार्यों में शिथिलता पाए जाने पर एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई अधिकारियों और कर्मचारियों का जून माह का वेतन भी रोक दिया गया है।
उप जिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज द्वारा जारी आदेश के अनुसार सुरसत खुर्द, राजस्व निरीक्षक क्षेत्र रायपुर में तैनात लेखपाल मदन मोहन यादव को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। आरोप है कि उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं किया तथा अंश निर्धारण के मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई।
इसके अलावा तहसीलदार सदर, तहसीलदार ओबरा, तहसीलदार घोरावल, तहसीलदार दुद्धी तथा क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। वहीं आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में असंतोषजनक प्रदर्शन और लगातार खराब फीडबैक मिलने पर अधीक्षण अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत पिपरी, वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी, नगर पंचायत डाला के अधिशासी अधिकारी, कई लेखपालों, खंड विकास अधिकारी रॉबर्ट्सगंज, थानाध्यक्ष बभनी तथा अधिशासी अभियंता मीरजापुर नहर प्रखंड सहित विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों के जून माह के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट कहा है कि जन शिकायतों, राजस्व मामलों तथा न्यायालयीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की प्राथमिकताओं और जनहित से जुड़े मामलों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ने तथा शिकायतों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।



