अनोखी परंपरा-बारिश के लिए आदिवासियों ने कराई मेढ़क-मेढ़की की शादी

मेढक मेंढकी की शादी में झूमकर नाचे बाराती

मझौली से दुमहान गांव पहुंच बारात
दुद्धी, सोनभद्र। लगभग माह भर से नाराज इन्द्रदेवता व लगातार धूप से चिलचिलाती गर्मी से दुद्धी क्षेत्र के किसान परेशान हो गए हैं। बारिश न होने से खराब हो रही धान की नर्सरी व अन्य फसलों को लेकर किसान में माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। इंद्र भगवान को खुश करने के लिए दुद्धी क्षेत्र के मझौली गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार को गांव के डीहवार बाबा स्थल से मेढ़क दूल्हा की शादी तक करा डाली। वैवाहिक कार्यक्रम के तहत धूमधाम से हल्दी की रश्म कर डीजे पर नाचते गाते झूमते बाराती दुमहान गांव में मेंढकी से दो गांव के लोगों ने मिलकर इस शादी के कार्यक्रम का आयोजन किया। आदिवासी क्षेत्र मझौली गांव के बैगा रामबृक्ष ने कहा की परमपरागत तरीके से प्राकृतिक पूजा पाठ कर मेंढक-मेंढकी के शादी कराई जाती है। शादी से इंद्र भगवान प्रसन्न हाेते है और अच्छी बारिश होती है। मेढ़क के बारात मझौली गांव से दुमहान गांव के ग्राम प्रधान सरजू के यहाँ पहुँच कर बड़े उत्साह से वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न कराई गई।



