शिक्षा सेवा चयन आयोग का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुचा

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) शिक्षा सेवा चयन आयोग की तरफ से आयोजित विज्ञापन संख्या 51 से जुड़ा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच की तरफ से पुनर्परीक्षा के परिणाम पर रोक लगाए जाने और 28 विषयों के परिणाम निरस्त किए जाने के फैसले के विरोध में जिले के अभ्यर्थियों ने सर्वोच्च न्यायालय मे याचिका दाखिल किया है।
मुख्य याची एवं सोनभद्र के चोपन में शिक्षक के पद पर तैनात डा धीरज चंदानी ने बताया कि इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और शिक्षा सेवा चयन आयोग दोनों ने माना था कि पूर्व में आयोजित परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के पर्याप्त साक्ष्य मिले थे। ऐसे में परीक्षा निरस्त कर पुनर्परीक्षा कराना मेधावी अभ्यर्थियों के हित में उचित निर्णय था। उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा संपन्न होने के बाद उसके मूल्यांकन और परिणाम पर डिवीजन बेंच द्वारा रोक लगाए जाने से लाखों अभ्यर्थियों में असंतोष है। इसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर परिणाम जारी कराने की मांग की गई है। अभ्यर्थी आशीष कुमार मिश्र ने कहा कि पुनर्परीक्षा का परिणाम घोषित होना जरूरी है, तभी मेहनती उम्मीदवारों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास कायम रहेगा। वहीं डॉ. विनय कुमार सिंह ने कहा कि परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद उसका परिणाम घोषित होना ही वास्तविक न्याय होगा। अब लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगा।



