मुहर्रम की सप्तमी को पुरसुकून माहौल में सम्पन्न हुए विविध कार्यक्रम

शाम को कर्बला पर उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम

देर रात सम्पन्न हुई केला काटने और मिट्टी खुदाई की रस्म

दुद्धी, सोनभद्र। मुहर्रम की सप्तमी के अवसर पर बुधवार को सांयकाल से ही नगर के अलग-अलग स्थानों पर विविध कार्यक्रम आयोजित किये गए। अपराह्न 4 बजे से रेलवे स्टेशन मोड़ बढनीनाला स्थित कर्बला पर अक़ीदतमंद महिला-पुरुषों के अलावा भारी संख्या में बच्चों का आवाजाही जो शुरू हुई तो आवागमन का यह कार्यक्रम रात्रि 10 बजे तक अनवरत जारी रहा। हुसैनी नौजवान कमेटी द्वारा सप्तमी के पूर्व कर्बला को रंग-रोगन कर आकर्षक विद्युत झालरों व मास्क लाइट से रोशनाश किया गया था। इसके अलावा समूचे कब्रिस्तान परिसर की साफ-सफाई कर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई थी। कर्बला के मुख्य द्वार पर टेंट-शामियाना लगवाकर ध्वनि विस्तारक यंत्र से माकूल इंतज़ाम और व्यवस्था सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश की एनाउंसिंग हुसैनी कमेटी के सदर आमिर खान उर्फ टिंकू द्वारा किया जाता रहा। इंतजामिया कमेटी की कार्यप्रणाली से खुश जायरीनों द्वारा कमेटी को आर्थिक सहयोग भी प्रदान की गई जिसकी बाकायदा माइक से उदघोष की जाती रही। अकीदतमंद लोग कबिस्तान पहुंच कर अपने मरहुमीन की कब्रों पर जाकर फ़ातेहा पढ़ी। वहीं कर्बला पहुंच शहीदाने कर्बला इमाम हसन-हुसैन के नाम तबर्रुख पेश कर फातेहा दिलाई। जायरीनों के लिए कस्बे के चंद लोग जिनमें जामा मस्जिद के पूर्व सदर अय्यूब खान व इब्राहिम खान, हुसैनी कमेटी कलकलीबहरा, चिंटू कुरैशी, गोलू रामनगर, दुद्धी ब्लड डोनेट एक्सप्रेस ग्रुप व मानिंद लोगों द्वारा खिचड़ा के अलावा जर्दा बनवाकर बतौर तबर्रुख तकसीम किया गया। कर्बला पर हुसैनी नौजवान कमेटी के अध्यक्ष सहनवाज खान उर्फ़ सोनू, सेराज खलीफा, अरसद खलीफा, अफसार अहमद, नौसाद अली, चीन्टू कुरैशी, अरमान सिद्दीकी, अशफाक शाह, फिरोज खलिफा, जमील अहमद, एखलाक अहमद आदि लोग इंतजाम में मशगूल रहे। इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी के सदर रहीम बख़्श खान उर्फ कल्लन खान व केंद्रीय अखाड़ा कमेटी के सदर फिरोज साह ने कर्बला पहुंच व्यवस्थाओं की जानकारी ली। शाम से ही नगर के विभिन्न अखाड़ों और चौकों पर ढोल-ताशा की आवाज सुनाई देने लगी। रात्रि 10 बजे नगर के वार्ड नं 11 दर्जी मुहाल, जुगनू चौक, मीर मुहल्ला, साईं चौक, रंगसाज मुहल्ला रामनगर,कलकली बहरा के अलावा मलदेवा, खजूरी, डुमरडीहा आदि ग्रामीण अंचलों का अखाड़ा मस्जिद तिराहे पहुंच कर घंटो लाठी से युद्ध कला का प्रदर्शन किए। तत्पश्चात तहसील परिसर पहुंच केला काटने की रस्म अदा की। इसकी बाद करीब अर्धरात्रि को या अली-या हुसैन के नारों के बीच प्राचीन तालाब पहुंचकर मिट्टी खुदाई की औपचारिकता पूरी कर अपने गंतव्य को लौट गए। पुलिस उपाधीक्षक दद्दन गौड़ के निर्देशन में समूचे कार्यक्रम के दौरान प्रभारी निरीक्षक नागेश सिंह, महिला थानाध्यक्ष सविता सरोज, कस्बा चौकी इंचार्ज संजय सिंह, अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों और पीएसी के साथ चक्रमण करते रहे।



