स्कूल चलो अभियान के तहत प्रवेशोत्सव, बच्चों को बांटी गई शैक्षणिक सामग्री
सनातन जन भावना समिति की पहल, अभिभावकों से बच्चों का नियमित नामांकन व विद्यालय भेजने की अपील

मयोरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विद्यालय से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से सनातन जन भावना समिति, आरंगपानी (झरईलटोला) द्वारा सोमवार को कुदरी के महुआ टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में ‘स्कूल चलो अभियान’ के अंतर्गत प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नए बच्चों का नामांकन कराने के साथ शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
समिति के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों एवं अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही समृद्ध राष्ट्र की पहचान है। उन्होंने घर-घर संपर्क कर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालयी शिक्षा को आवश्यक बताया।
इस अवसर पर विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को कॉपी, पेंसिल सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। समिति के सदस्यों ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने माता-पिता, गुरुजनों और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान रामदास गौड़ तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य बलि सिंह गौड़ रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए सभी को आगे आना होगा।
विद्यालय परिवार की ओर से संतोष कुमार गुप्ता, अक्षय विज, सुभाष चंद्र, अशोक कुमार वैस, अशोक कुमार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शिवकुमारी एवं मोनिका देवी उपस्थित रहीं। सभी ने समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष रामबली प्रसाद, उपाध्यक्ष प्रभावती देवी, प्रबंधक रघुवर दयाल, उप प्रबंधक शिव मूरत सिंह, सचिव कमदेव प्रसाद, उप सचिव संदीप कुमार, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार, उप कोषाध्यक्ष दिनेश कुमार सहित समिति के पदाधिकारी, सलाहकार एवं कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में समिति ने भविष्य में भी शिक्षा, समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए जनकल्याणकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित करने का संकल्प लिया।

