तस्करों से मिलीभगत कर होमगार्ड के खेत में काटे गए दो दर्जन से अधिक खैर के पेड़
डीएफओ के निर्देश पर हुई जांच, मौके पर मिला कत्था का बोटा और छिलका
वन विभाग ने होमगार्ड समेत तस्करों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
म्योरपुर (सोनभद्र)। म्योरपुर वन रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत पिंडारी के नगराज गांव में खैर (कत्था) के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई का मामला सामने आने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि एक होमगार्ड ने तस्करों से मिलीभगत कर अपने खेत में दो दर्जन से अधिक खैर के पेड़ कटवा दिए। मामले की जानकारी मंगलवार को किसी व्यक्ति द्वारा प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कमल कुमार को दी गई, जिसके बाद तत्काल जांच के निर्देश दिए गए।
डीएफओ के निर्देश पर उप प्रभागीय वनाधिकारी अखिलेश पटेल मौके पर पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान वन विभाग के अधिकारियों के होश उड़ गए। होमगार्ड के घर से लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर चार अलग-अलग स्थानों पर खैर के पेड़ों से तैयार कत्था का बोटा पड़ा मिला। कुछ स्थानों पर बोटों का छिलका हटाया जा रहा था, जबकि एक आम के पेड़ के नीचे कैम्हा के बोटा भी बरामद हुए। वहीं एक बोटा चिरा हुआ भी पाया गया। हालांकि मौके पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला।
वन विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि जिन पेड़ों की कटाई की गई, उनके लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार कास्त की जमीन पर खैर के पेड़ काटने के लिए नियमानुसार अनुमति लेना आवश्यक होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि खैर की लकड़ी और उससे बनने वाले कत्था की बाजार में भारी मांग है। स्थानीय स्तर पर खैर लगभग 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जाता है, जबकि बाजार में यही कत्था 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। इसी लालच में तस्कर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय होकर अवैध कटान करा रहे हैं।
इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होने के बावजूद वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग सकी, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले के उजागर होने के बाद वन विभाग ने होमगार्ड सहित संबंधित तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
रेंजर म्योरपुर जबर सिंह ने बताया कि मौके की जांच में खैर के पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई है। कटे हुए पेड़ों की गिनती कराई जा रही है तथा पेड़ मालिक और कटान कराने वालों को चिन्हित कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।


