श्रीराम कथा में राम जन्म की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर खेल मैदान पर आयोजित श्रीराम कथा के क्रम में बुधवार को कथा के तीसरे दिन भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथावाचक पंडित दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज (श्रीधाम वृंदावन) ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। जैसे ही राम जन्म की कथा प्रारंभ हुई, पूरा कथा पंडाल “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर हो गए।
कथावाचक महाराज ने बताया कि जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ गया तथा रावण का आतंक चरम पर पहुंच गया, तब देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने अयोध्या के महाराज दशरथ के घर श्रीराम के रूप में अवतार लिया। उन्होंने कहा कि भगवान का अवतार केवल राक्षसों के संहार के लिए ही नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना, मर्यादा और आदर्श जीवन का संदेश देने के लिए हुआ। राम जन्म का प्रसंग आते ही कथा स्थल पर मौजूद महिलाओं ने मंगलगीत गाने शुरू कर दिए और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया।
महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति और आदर्श शासक के प्रतीक हैं। उनके जीवन से मनुष्य को सत्य, त्याग, कर्तव्य और मर्यादा के पालन की प्रेरणा मिलती है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और कई भक्तों की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं।
कथा स्थल पर भक्ति संगीत, जयघोष और
मंगलाचरण से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन के लिए प्रेरणादायक और आध्यात्मिक अनुभूति से भर देने वाला क्षण बताया। कार्यक्रम के अंत में विधिवत आरती उतारी गई तथा प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रीराम कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर जारी रहेगी, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष सोना बच्चा अग्रहरि, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जीत सिंह खरवार, ग्राम प्रधान संगीता जायसवाल, दिनेश गुप्ता, आशीष अग्रहरी, गणेश जायसवाल,शशांक अग्रहरि, सुजीत अग्रहरि, अमित रावत,आशीष अग्रहरि (बिट्टू), दीपक योगी अजय अग्रहरि,सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे।



