टीईटी पास करने की अनिवार्यता पर शिक्षकों का विरोध: विभिन्न शिक्षक संगठनों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) सुप्रीम कोर्ट के टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के आदेश का विरोध में यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ व उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने संयुक्त रूप से कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। टीईटी अध्यादेश वापस लो के नारों के साथ शिक्षकों ने मांग रखी कि इस अध्यादेश में संशोधन किया जाए। जब तक मांग पूरी नहीं होगी शिक्षक आंदोलन जारी रखेंगे। इस दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।मंडल अध्यक्ष अखिलेश सिंह गुंजन व अखिलेश वत्स ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इकतरफा आदेश से देशभर के 30 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।

जिलाध्यक्ष शिवम अग्रवाल, अशोक त्रिपाठी, जनार्दन त्रिपाठी ने कहा कि ने कहा कि कई दिनों से बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं को कभी विलय, कभी समायोजन, फिर प्रमोशन, ट्रांसफर और अब टीईटी अनिवार्यता के नाम पर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। सरकार ने गुपचुप तरीके से वर्ष 2017 में संशोधित अधिनियम निर्गत किया गया जो की मात्र फाइलों का हिस्सा रहा। उसका जिन्न अब इतने समय के बाद न्यायालय में रख दिया गया। शिक्षक नेता सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता लागू करना अनुचित है। इस मौके पर अमरजीत यादव, इंदू प्रकाश सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह, गणेश पाण्डेय, उमेश चंद्र, जय श्री विश्वकर्मा, अभिषेक मिश्रा, राज मौर्या आदि मौजूद रहे।



