बनवासी सेवा आश्रम में आयोजित चार दिवसीय युवा शिविर का समापन

गांव की छोटी मोटी समस्याओं को खुद हल करने का युवाओं ने लिया संकल्प
नुक्कड़ नाटक के जरिए दहेज,वाल विवाह, नशा मुक्ति और लिंग भेद मिटाने का दिया संदेश
म्योरपुर /सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम में गांव में युवाओं की जिम्मेदारी और भागीदारी को लेकर आयोजित चार दिवसीय युवा का रविवार को गांव की छोटी मोटी समस्याओं को खुद के पहल से हल करने ,शौचालय का प्रयोग ,बाल विवाह पर रोक,नशा मुक्ति के लिए युवाओं को प्रेरित करने और पर्यावरण सरंक्षण, के संकल्प के साथ शिविर का समापन हुआ। इसके पूर्व युवाओं को जैविक खेती और कंपोस्ट खाद बनाने की जानकारी दी गई। समापन सत्र के पूर्व स्त्री पुरुष समानता पर शुभा प्रेम ने विचार रखते हुए कहा कि समाज में लड़कियों के जन्म पर दुःख और लड़के के जन्म पर खुशी मनाने की परम्परा बंद होनी चाहिए। युवाओं को भी बहनों के घरेलू काम धंधे में हाथ बटाना चाहिए। उन्होंने छ्ठी और अन्नप्रसान में अनर्गल और क्षमता से ज्यादा कर्ज लेकर खर्च किए जाने को लेकर दुःख जताया।विमल सिंह ने सत्र का समापन पर कहा कि युवाओं को ऐसा पारस पत्थर बनाना है जिससे जो उनके संपर्क में आए वह नेक इंसान बन जाए।उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए संगठित होकर अभियान चलाए। शनिवार की शाम नुक्कड़ नाटक की रोचक और तथ्य परख प्रस्तुति कर युवाओं ने खुला में पशु छोड़ने, कम उम्र ने शादी और शौचालय के प्रयोग न करने पर आने वाली परेशानियों की जानकारी दी । मौके पर संतोष कुमार दुबे,जगत नारायण विश्वकर्मा, देव नाथ सिंह, मनोज,अभिषेक, राम कुमार, मोनिका, नीरा देवी, चंद्रावती आदि उपस्थित रहे ।शिविर का संचालन प्रदीप कुमार पाण्डेय,और राकेश कुमार ने किया।
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