साडा से नहीं हो रहा कोई कार्य – सुरेन्द्र अग्रहरि
दुद्धी, सोनभद्र । जनपद में शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना इस उद्देश्य से की गई है कि यह संस्था अपने निर्धारित सीमा क्षेत्र के अन्तर्गत उन क्षेत्रों का विकास करेगी जहां पर अभी तक विकास कार्य नहीं हुए है। पुल, पुलिया, विद्यालय, अस्पताल, सड़क, पानी की सुविधा के साथ साथ उन चीजों का विस्तार करेगी जो मानव जीवन के लिए उपयोगी हैं लेकिन साडा (शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) अपनी सीमा क्षेत्र के अन्तर्गत कोई ऐसा कार्य नहीं कर रही है जो क्षेत्र के विकास के लिए काम आए। ऐसा लगता है कि साडा का कार्य सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। कागजों पर ही विकास कार्य होता होगा तो उसके बारे में कोई जानकारी लेने वाला कोई नहीं है। दुद्धी तहसील सहित ओबरा तहसील के चोपन के सोन नदी के इस पार तक इसका क्षेत्र है, लेकिन काम के नाम पर कुछ नहीं दिखता है। 10 वर्ष पूर्व के कार्य भी अधूरे पड़े है और अभी तक पूरे नहीं हुए है। ऐसे अधूरे कार्यों को कागजों पर ही पूर्ण दिखा दिया गया होगा । यह संस्था अपनी सीमा क्षेत्र के अन्तर्गत बनने वाले मकानों, सहित अन्य होने वाले कार्यों का मानचित्र पास कर धन इकट्ठा करती है और उस धन का उपयोग विकास कार्य में लगाए जाने का प्राविधान है। साडा द्वारा होने वाले विकास कार्यों का पता ही नहीं चल पाता है कि कौन सा कार्य आपके क्षेत्र में हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री सुरेन्द्र अग्रहरि ने कहा कि यह संस्था केवल वसूली का अड्डा बन गया है। कागजों तक ही विकास कार्य सीमित कर लेना इस संस्था का उद्देश्य रह गया है। उन्होंने कहा कि यदि जिलाधिकारी इस संस्था द्वारा होने वाले कार्यों का सिर्फ एकबार जांच कर ले तो वास्तविकता का पता चल जाएगा कि किस क्षेत्र में कौन सा कार्य हो रहा है या नहीं हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है कि साडा द्वारा होने वाले कार्यों का जांच किया जाए 10 वर्षों में कितना कार्य हुआ और कहाँ हुआ, इसकी भी जांच की जाए।।



