बरवाटोला खदान मलिक पर करोड़ों का जुर्माना

बिल्ली खदान के भण्डार लाईसेंस पर परमीट किया गया जारी
बरवाटोला खदान के नाम पर परमीट का हुआ दुर्पयोग
बभनी/सोनभद्र( अब्दुल कलाम)
विकास खण्ड के बरवाटोला खदान की जांच खनन टीम ने किया । सीनियर माइनस अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने खदान की सीमांकन से लेकर खनन की विधिवत जांच किया । खनन में नियमों की अनदेखी पर लीज होल्डर को फटकार भी लगाई। अधिकारी ने बताया की खान मालिक पर खनन व परमीट को लेकर 9करोड 97लाख का जुर्माना लगा है । और आगे जांच हो रही है जो भी अनियमिता होगी उस पर भी शासन के अनुसार कार्यवाही की जायेगी । बताते चलें की विगत कुछ माह पहले बरवाटोला खदान को लेकर कयी शिकायत सासन के पास गयी थी जिसपर सरकार ने कार्यवाही करते हुए जांच कर लीज होल्डर पर करोड़ों का जुर्माना लगाया है। क्योंकि खदान मलिक द्वारा 108363घन मीटर की परमिट कटी हैं ।व 103363घन मीटर परमीट का दुर्पयोग हुआ है व मौके पर 5000घन मीटर का खनन हुआ है बाकी परमीट बिल्ली भण्डार के लाईसेंस से जारी किया गया है। इतना बड़ा खनन भ्रष्टाचार होने के बावजूद भी किसी भी खान अधिकारी व कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई ।इस से पता चलता है की यह सारा खेल बड़े पैमाने के लोगों द्वारा खेला जा रहा है । सरकार के स्वच्छ छवि को कुछ लोगों व अधिकार द्वारा खराब किया जा रहा है । खदान की अगर इमानदारी से जांच हुई तो कयी सफेद पोश से नकाब हों गे व कयी अधिकारी भी जांच की जद में आयेंगे। जांच टीम में एसडीएम दुद्धी सुरेश राय व खनन के कयी अधिकारी भी मौजूद रहे।


