मुहर्रम के नवमी की जुलूस में शानो-शौकत से निकाली गई बड़ी ताजिया

कई दर्जन अखाड़े अपने अलम, बड़ी ताजिया व सीपड़ के साथ हुए शरीक

प्रशासन सहित केंद्रीय अखाड़ा कमेटी रही चाको-चौबंद

दुद्धी, सोनभद्र। स्थानीय कस्बे व आसपास के ग्रामीण अंचलों में मुहर्रम के नवमी का जुलूस शनिवार की भोर 4 बजे में बड़ी शानो-शौकत से बड़ी ताजिया व सीपड़ के साथ निकाला गया। कस्बे के साईं चौक, जुगनू चौक, दर्जी मुहाल, रामनगर, कलकल्ली बहरा के अलावा डूमरडीहा, खजूरी, मल्देवा, पिपराही, कठौतवा आदि ग्रामीण अंचलों के अखाड़े बड़े शान से आगे-आगे अपने अलम (झंडे) तथा पीछे से बड़ी ताजिया व सीपड़ के साथ शामिल हुये। अलग-अलग अखाड़ों से जुड़े लोगों ने अपनी जंगे कलाबाजी का बखूबी प्रदर्शन किया, जिसे देख कर उपस्थित लोग अचंभित रह गये। लगभग दर्जन भर स्थानों से पहुंचे विभिन्न अखाड़ों के खिलाड़ी द्वारा अपने उस्ताद की देखरेख में लाठी-डंडा, रिबन, बनेठी, तलवार, गड़ासा, बल्लम आदि से मस्जिद चौक, तहसील गेट, चौरसिया फोटो स्टेट के सामने अपनी युद्ध कला का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान या अली-या हुसैन के नारे व ढोल-ताशों की आवाज़ से समूचा नगर गूँजता रहा। तत्पश्चात जुलूस साई चौक पहुँच कर सुबह करीब 9 बजे फ़ातिहा कराने के बाद अपने गन्तव्य के लिए रवाना हुआ।
शनिवार को ही अपराह्न 3 बजे मुहर्रम के दशमी का जुलूस निकला गया, जिसमे सभी अखाड़े के बड़ी व छोटी ताजिया, सीपड़ व झंडे शामिल हुए। पूरे अखाड़े के लोग अपनी अपनी ताजिया, सीपड़ तथा झंडे के साथ पूरे नगर का भ्रमण कर जगह-जगह अखाड़ा कला का प्रदर्शन कर देर शाम कब्रिस्तान में परंपरागत ढंग से ताजिये सुपुर्दे खाक किये।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय अखाड़ा कमेटी के सदर बनारसी साह व उनकी टीम द्वारा चैयरमैन कमलेश मोहन, वरिष्ठ अधिवक्ता सिविल बार अध्यक्ष रामलोचन तिवारी, दुद्धी बार अध्यक्ष रामपाल जौहरी, देव नारायण जायसवाल सहित नगर के कई हिंदू मुस्लिम समुदाय के संभ्रांत लोगों को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसडीएम सुरेश राय, तहसीलदार बृजेश वर्मा, बीडीओ नीरज तिवारी आदि अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे कस्बे सहित आस पास के महत्वपूर्ण जगहों पर सीओ दद्दन प्रसाद गौंड के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक नागेश सिंह व कस्बा इंचार्ज संजय सिंह अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ तैनात रहे।



