शिक्षा प्रशासन मे सोनभद्र की राष्ट्रीय छलांग निपुण भारत डैशबोर्ड को एनआईईपीए का सम्मान

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) शिक्षा प्रशासन में नवाचार और तकनीक के प्रभावी उपयोग के क्षेत्र में सोनभद्र ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनपद की निपुण भारत अनुश्रवण डैशबोर्ड आधारित अभिनव पहल को राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए/निपा), नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 22 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से चयनित 84 जिला एवं विकासखंड स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को उनके अभिनव कार्यों एवं उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। इस राष्ट्रीय मंच पर सोनभद्र की पहल का सम्मान जनपद के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों की चुनौतियों को देखते हुए सोनभद्र में लंबे समय से आंकड़ा आधारित शिक्षा प्रशासन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनुश्रवण डैशबोर्ड विकसित किया गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों के अधिगम स्तर, उनकी प्रगति तथा अपेक्षित प्रगति न करने वाले विद्यार्थियों एवं विद्यालयों की पहचान कर आवश्यक शैक्षिक हस्तक्षेप किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य आंकड़ों को केवल सूचना तक सीमित न रखकर उन्हें निर्णय और सुधार से जोड़ना है। डैशबोर्ड के माध्यम से अधिकारियों को विद्यालयों एवं विद्यार्थियों की स्थिति का विश्लेषण करने तथा आवश्यकता के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई करने में सहायता मिली। जनपद को शिक्षा प्रशासन में आंकड़ों के प्रभावी उपयोग के लिए पहले भी राष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है। वर्ष 2018-19 में एनआईईपीए के नवाचार संकलन में जनपद की पहल को स्थान मिला था। वहीं यूज़ डेटा प्रतियोगिता में आकांक्षी जनपदों की शिक्षा श्रेणी में सोनभद्र को राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान भी प्राप्त हुआ।डैशबोर्ड के तकनीकी विकास में एनआईसी, सोनभद्र का सहयोग रहा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय के नेतृत्व में पहल को आगे बढ़ाया गया, जबकि इसके प्रभावी संचालन एवं अनुश्रवण में डॉ. सूर्य प्रकाश सहित शिक्षा विभाग की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नवाचार शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


