ओबरा डैम के खुलने से बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट,रेणुका नदी छठ घाट पर हुआ मॉक ड्रिल अभ्यास

एसडीएम,सीओ,सीआईएसएफ सहित कई विभागिय टीम रही मौजूद
ओबरा(राकेश अग्रहरी/नीरज)-रिहंद बांध व ओबरा बांध के जलस्तर ऊपर पहुचने के कारण लगातार बारिश से बढ़ते जलस्तर के साथ डैम से पानी की निकासी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों पैनी नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ व पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में ओबरा तहसील क्षेत्र स्थित रेणुका नदी के छठ घाट पर मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया।

इस मौके पर उपजिलाधिकारी ओबरा रवि कुमार,क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय,सीआईएसएफ ओबरा,तहसीलदार ओबरा, पुलिस विभाग, मेडिकल स्वास्थ्य टीम से डॉ0 आलोक सहाय, जिला आपूर्ति विभाग और पंचायती राज विभाग,होमगार्ड की टीम साथ मे मौजूद रही।वही मॉक ड्रिल के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति में स्थानियो को सुरक्षित निकालने और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। टीमों ने आपात स्थिति में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और पशुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारियों का भी प्रदर्शन किया। राहत एवं बचाव दल को आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर तैनात रहने की स्थिति में रखा गया।उपजिलाधिकारी रवि कुमार व क्षेत्राधिकारी प्रभात राय ने बताया कि बाढ़ राहत एवं बचाव टीम के सभी सदस्य मौके पर पहुंच चुके हैं। राहत कार्य के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध हैं। किसी भी व्यक्ति या परिवार को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में एक-एक व्यक्ति को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता होगी। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है इस अवसर पर आमजन को जागरूक करते हुए बताया गया कि बाढ़, जलभराव अथवा नदी में तेज जल प्रवाह की स्थिति में नदी, नाले, घाट एवं जलभराव वाले स्थानों के समीप न जाएं। बच्चों को विशेष रूप से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी एवं सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई कि नदी में डूबते हुए व्यक्ति को देखकर स्वयं जोखिम उठाकर पानी में न उतरें। तत्काल पुलिस प्रशासन, आपदा राहत दल अथवा स्थानीय बचाव टीम को सूचना दें। प्रशिक्षित बचाव दल द्वारा व्यक्ति को बाहर निकाले जाने के बाद उसकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा तथा आवश्यकता होने पर तत्काल चिकित्सा केंद्र/अस्पताल पहुंचाया जाएगा।मॉक ड्रिल का उद्देश्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ आमजन को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों एवं बचाव उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति में अनावश्यक रूप से नदी अथवा जलभराव वाले स्थानों की ओर न जाएं और स्वयं तथा अपने परिवार को सुरक्षित रखें।इस दौरान क्षेत्रीय लेखपाल अमित सिंह आदि मौजूद रहे।



