हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तिरंगा सेल्फी एवं डिजिटल विजीवीलिटी आयोजित

ओबरा(राकेश अग्रहरी/नीरज)-स्थानीय राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार 10 अगस्त 2026 को “हर घर तिरंगा–2026” अभियान के अंतर्गत तिरंगा सेल्फी एवं डिजिटल विजीवीलिटी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रमोद कुमार द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में प्राचार्य ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवपूर्ण अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के तृतीय चरण का आयोजन 09 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करना है। इस अवसर पर प्राचार्य ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर एन.सी.सी कैडेट्स को प्रेरित किया तथा कहा कि सभी कैडेट्स अपने-अपने घरों एवं आसपास के क्षेत्र में लोगों को तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करें और “हर घर तिरंगा” अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. उपेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी NCC कैडेट्स का उत्साहवर्धन करते हुए राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं जिम्मेदारी की भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया।इस अवसर पर एनसीसी प्रभारी डॉ. योगेंद्र लाल वर्मा ने एनसीसी कैडेट्स के साथ तिरंगे के साथ सेल्फीली तथा कैडेट्स को 09 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक चलने वाले हर घर तिरंगा अभियान के उद्देश्यों एवं विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कैडेट्स से अपील की कि वे अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करें।कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेल्फी फोटो ली तथा अभियान की डिजिटल विजिबिलिटी को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम से संबंधित फोटो एवं वीडियो भी तैयार किए गए तथा गतिविधि का विवरण मेरा भारत पोर्टल पर अपलोड किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सहभागिता तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना और “हर घर तिरंगा–हर दिल तिरंगा” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।



