विश्व आदिवासी दिवस पर बभनडीहा में जुटेगा आदिवासी समाज का महासैलाब

9 अगस्त को विशाल जनसभा, रोड शो व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन; जल-जंगल-जमीन, वनाधिकार और शिक्षा-रोजगार समेत कई मुद्दों पर उठेगी आवाज
म्योरपुर /सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आगामी 9 अगस्त 2026 को म्योरपुर विकासखंड के बभनडीहा में आदिवासी सेवा ट्रस्ट, सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में विशाल आदिवासी जनसभा, रोड शो एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में सोनभद्र जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, युवा एवं महिलाएं शामिल होंगी।
आयोजन समिति के मुताबिक विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, इतिहास और संवैधानिक अधिकारों को व्यापक स्तर पर मजबूती से सामने लाना है। इसके साथ ही समाज में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और विकास को लेकर जनजागरण करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
आदिवासी अधिकारों और विकास के मुद्दों पर होगा मंथन
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की एकता, सम्मान, अधिकार और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। वक्ताओं द्वारा आदिवासी समुदाय के सामने मौजूद सामाजिक एवं विकास संबंधी चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही समाज के लोगों को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से सरकार के समक्ष आदिवासी समाज से जुड़ी कई प्रमुख मांगें भी रखी जाएंगी। इनमें जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी समुदाय के पारंपरिक एवं संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा को प्रमुखता दी जाएगी।
इसके अलावा वनाधिकार कानून-2006 के प्रभावी, पारदर्शी एवं निष्पक्ष क्रियान्वयन, ग्राम सभाओं के अधिकारों को और मजबूत करने तथा अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून की मूल भावना के अनुरूप व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई जाएगी।
शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर भी रहेगा जोर
आदिवासी युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार एवं कौशल विकास के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी कार्यक्रम में प्रमुखता से रखी जाएगी। आयोजकों का कहना है कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होने से युवाओं को आगे बढ़ने का मार्ग मिलेगा।
इसके साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग भी उठाई जाएगी। आदिवासी समाज की पारंपरिक भाषा, कला, संस्कृति और विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं लागू किए जाने पर भी जोर दिया जाएगा।
रोड शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम बनेगा आकर्षण
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला रोड शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें आदिवासी समाज की पारंपरिक कला, संस्कृति, लोकगीत, नृत्य और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।
आयोजन समिति ने सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों, युवाओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। समिति का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता से आदिवासी समाज की एकता, सम्मान और अधिकारों की आवाज को और मजबूती मिलेगी।



