136 विद्यालयों में पहुंचेगा ज्ञान का पिटारा, गतिविधियों से मजबूत होगी बच्चों की सीखने की क्षमता
सोनभद्र (विकास द्विवेदी) जिले के 136 विद्यालयों में कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को मजबूत करने के लिए ज्ञान का पिटारा किट उपलब्ध कराई गई है। एजुकेट गर्ल्स की ओर से तैयार गतिविधि आधारित रिमेडियल लर्निंग किट के माध्यम से बच्चों को खेल और विभिन्न गतिविधियों के जरिए हिंदी, अंग्रेजी एवं गणित की बुनियादी समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
मंगलवार को ज्ञान का पिटारा किट का ओरिएंटेशन एवं प्रदर्शन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय के समक्ष किया गया। एजुकेट गर्ल्स की जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वीटी मंडल ने अधिकारियों को किट में शामिल शिक्षण सामग्री और उसके उपयोग की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान बच्चों को किट के माध्यम से किस तरह सीखने और अभ्यास कराने की गतिविधियां कराई जा सकती हैं, इसका प्रदर्शन भी किया गया। ज्ञान का पिटारा बच्चों के वर्तमान सीखने के स्तर को ध्यान में रखकर तैयार की गई गतिविधि आधारित रिमेडियल लर्निंग किट है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी और गणित की कार्यपुस्तिकाओं के साथ बच्चों को समझाने एवं अभ्यास कराने के लिए सरल और उपयोगी शिक्षण सामग्री शामिल है। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उनकी बुनियादी समझ को मजबूत करना और सीखने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए अतिरिक्त सहयोग देना है। जिले के 136 विद्यालयों में उपलब्ध कराई गई इस सामग्री से कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों को उनके सीखने के स्तर के अनुसार सहयोग दिया जाएगा। गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई को रुचिकर और सहज बनाने के साथ ही हिंदी, अंग्रेजी और गणित में बच्चों की समझ को बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सीखने के स्तर को मजबूत करने में उपयोगी बताया।उन्होंने विशेष रूप से गणित की लर्निंग किट को बच्चों की अवधारणात्मक समझ विकसित करने के लिए प्रभावी बताया। डीसी एवं जिला समन्वयक जय वर्मा ने भी पहल की सराहना करते हुए कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री बच्चों की समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वीटी मंडल ने कहा कि इस पहल को सफल बनाने में विद्यालय प्रशासन, ग्रामीण समुदाय, टीम बालिका स्वयंसेवकों और एजुकेट गर्ल्स की टीम की साझा भागीदारी महत्वपूर्ण है। सभी के सहयोग से बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सकता है। वर्ष 2025 में एजुकेट गर्ल्स को प्रतिष्ठित रैमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2035 तक एक करोड़ शिक्षार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने में योगदान देना है।



