तसर रेशम उत्पादन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, 20 किसानों को दिया प्रशिक्षण

मुर्धवा टसर रेशम फार्म में किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
म्योरपुर/सोनभद्र (विकास अग्रहरि)
स्थानीय ब्लॉक के मुर्धवा स्थित रेशम विभाग के तसर रेशम फार्म परिसर में सोमवार को एसआरसी गोविंदपुर की ओर से तसर रेशम कीट पालन को लेकर किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्र के 20 रेशम कीट पालक किसानों ने प्रतिभाग किया। इनमें छह महिलाएं और 14 पुरुष शामिल रहे।प्रशिक्षक सूबेदार और लाल बहादुर ने किसानों को तसर रेशम उत्पादन की प्रक्रिया, कीट पालन के लिए आवश्यक संसाधन, वैज्ञानिक तरीके तथा इससे होने वाले आर्थिक लाभ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तसर रेशम पालन ग्रामीण और वन क्षेत्र से जुड़े परिवारों के लिए अतिरिक्त आमदनी का बेहतर साधन बन सकता है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अर्जुन और आसन जैसे पेड़ों पर तसर कीटों का पालन कर किसान कम लागत में उत्पादन कर सकते हैं।
प्रशिक्षकों ने बताया कि तसर रेशम की बाजार में मांग बनी हुई है। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से कीट पालन करें और समय पर देखभाल व रोग नियंत्रण करें तो उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि की जा सकती है। प्रशिक्षण में कीटों की उपलब्धता, पालन के उपयुक्त समय, कोकून तैयार करने तथा उत्पादन के बाद उसके उपयोग और बाजार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
महिला किसानों की भागीदारी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए प्रशिक्षकों ने कहा कि रेशम उत्पादन से घर के स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए तसर कीटों की उपलब्धता, तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की।



