गोष्ठी में महिलाओं की भागीदारी, बाल मजदूरी उन्मूलन और समानता पर हुई चर्चा

दुद्धी। ब्लॉक के ग्राम पंचायत बघाड़ू के अवराडंडी में रविवार को बनवासी सेवा आश्रम के माध्यम से चलाए जा रहे प्रबोधन यात्रा के दौरान ग्राम स्वराज्य सभा की गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें ग्राम स्वराज्य की अवधारणा, महात्मा गांधी और विनोबा भावे के विचारों के साथ सामाजिक समानता, पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी और बाल मजदूरी उन्मूलन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।गोष्ठी में सामाजिक कार्यकर्ता जगत नारायण गोंड ने कहा कि आज के युवाओं को महात्मा गांधी के विचारों और उनके जीवन संघर्ष को समझने की जरूरत है। गांधी ने समाज और देश को मजबूत बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति शांति और नफरत से मुक्त समाज चाहता है। गांधी ने भी इसी दिशा में काम करते हुए लोगों को अहिंसा, सत्य और आपसी भाईचारे का रास्ता दिखाया।वक्ताओं ने कहा कि ग्राम स्वराज्य का उद्देश्य केवल पंचायत का संचालन नहीं, बल्कि गांव के प्रत्येक व्यक्ति की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करना है। महिलाओं को पंचायत और सामाजिक निर्णयों में बराबर अवसर मिलने से गांव का विकास अधिक प्रभावी हो सकता है। बच्चों को मजदूरी से मुक्त कर शिक्षा से जोड़ना भी ग्राम स्वराज्य की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।गोष्ठी में ग्रामीणों से गांव की समस्याओं को मिल-बैठकर चिन्हित करने और उनके समाधान के लिए सामूहिक पहल करने का आह्वान किया गया। ग्रामीणों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला भागीदारी और सामाजिक एकता को मजबूत बनाने पर भी विचार रखे।मौके पर फूलवंती, चंद्रावती, कुसुम, सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थिति रहे।


