डीजल पेट्रोल संकट के बीच पेट्रोल पंपों पर अव्यवस्था मनमानी से बढ़ रही लोगों की परेशानी

कोन/सोनभद्र (आनन्द जायसवाल) कोन क्षेत्र में डीजल पेट्रोल की किल्लत के बीच पेट्रोल पंपों पर भारी अव्यवस्था और मनमानी देखने को मिल रही है। मंगलवार देर शाम तेल आने की सूचना मिलते ही एकमात्र खुले पेट्रोल पंप पर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग गई। रात भर लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन अव्यवस्थित व्यवस्था और कर्मचारियों की मनमानी के कारण लोगों में भारी नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों और वाहन चालकों का आरोप है कि पेट्रोल पंप पर गैलन में डीजल देने से साफ मना किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कई गांव पेट्रोल पंप से 10 से 20 किलोमीटर दूर हैं। ऐसे में किसान और वाहन मालिक यदि गैलन में डीजल लेकर जाते, तो बार-बार वाहन लेकर आने-जाने में होने वाली अतिरिक्त खपत से बचा जा सकता था। लोगों ने सवाल उठाया कि एक ओर प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचाने का अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी से अनावश्यक रूप से डीजल और पेट्रोल की बर्बादी हो रही है।
भीड़ बढ़ने की एक बड़ी वजह सीमित मात्रा में तेल देना भी बताया जा रहा है। लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालकों को जरूरत के अनुसार डीजल या पेट्रोल नहीं दिया जाता है। ऐसे में चालक या वाहन मालिक कम मात्रा में तेल भरवाने के बाद दोबारा लाइन में लग जाते हैं, जिससे भीड़ कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है।
वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पेट्रोल पंप के कुछ कर्मचारी अतिरिक्त रुपये लेकर चुनिंदा लोगों को मनमाने तरीके से अधिक मात्रा में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध करा रहे हैं। इससे लाइन में लगे अन्य लोगों में आक्रोश फैल रहा है और पंप पर विवाद तथा झगड़े की स्थिति बन जा रही है। कई बार लोगों ने कर्मचारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया।
मंगलवार रात स्थिति यह रही कि पंप परिसर से लेकर मुख्य सड़क तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद ईंधन मिल सका, जबकि कुछ लोग देर रात तक लाइन में लगे रहे। क्षेत्र के पांच पेट्रोल पंपों में केवल एक पंप पर ही ईंधन उपलब्ध होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर पारदर्शी व्यवस्था लागू कर सभी को समान रूप से ईंधन उपलब्ध कराया जाए तथा गैलन में डीजल देने पर अनावश्यक रोक हटाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।



