रोजगार सेवकों ने विभिन्न मांगो को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

दुद्धी(मदनमोहन तिवारी) रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अध्यक्ष मेराज अहमद महामंत्री जगदीश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संविदा पर नियुक्त 36000 ग्राम रोजगार सेवक को नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए। ज्ञापन में मांग किया गया है कि विगत 19 वर्षों से संविदा पर कार्यरत हैं।

ग्राम पंचायतों में सहायक सचिव / ग्राम विकास सहायक का पद सृजित कर कर उन्हें समायोजित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम 24 हजार मानदेय दिया जाये। उन्हें पद से हटाने हेतु ग्राम पंचायत के सदस्यों के दो तिहाई बहुमत के स्थान पर ग्राम सभा के दो तिहाई बहुमत का प्रावधान हो। मानदेय भुगतान हेतु पृथक बजट की व्यवस्था का प्रावधान हो अथवा मानदेय भुगतान सामग्री अंश से किया जाये। मनरेगा कार्यो के भुगतान का डोगल प्रथम हस्ताक्षरकर्ता के रूप में ग्राम रोजगार सेवको को दिया जाये। उनके जाब चार्ट में अन्य कार्य जोड़ते हुए विभागीय कर्मी घोषित किया जाये। उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले एड्रायड मोबाइल फोन और डाटा रिचार्ज दिया जाए। उन्हें 20 दिन का आकस्मिक अवकाश एवं चिकित्सा अवकाश 12 दिनों की व्यवस्था का आदेश जारी किया जाये।ग्राम रोजगार सेवकों का न्याय पंचायत पर स्थानान्तरण की व्यवस्था को लागू किया जाये। ग्राम रोजगार सेवकों के परिवार के मृतक आश्रित को सेवा प्रदान की जाये।
अगर हमारी मांगो पर तत्काल प्रभाव से विचार नही किया गया तो प्रदेश भर के रोजगार सेवक लखनऊ में जल्द ही बड़े आन्दोलन को बाध्य होगें। इस मौके पर अमरदेव गुप्ता राजेश यादव कलीमुल्लाह प्रदीप अग्रहरि इंद्र बिहारी सिंह अंबिका प्रसाद राजबली सिंह योगेंद्र कुमार मौजूद रहे।



