भेष बदलकर भगवान भोलेनाथ ने किए बालक राम के दर्शन भजनों पर झूमे भक्त

बीजपुर (रामजियावन गुप्ता)।स्थानीय दुधहिया देवी मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के पांचवें दिन सोमवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।सुप्रसिद्ध कथा व्यास श्रीराम मोहन दास रामायणी ने प्रभु श्री राम की मनमोहक बाल लीलाओं का वर्णन कर भक्तों को भावविभोर कर दिया।कथा के दौरान व्यास जी ने उस प्रसंग का जीवंत वर्णन किया जब भगवान भोलेनाथ बालक राम के दर्शन की लालसा में भेष बदलकर अयोध्या पहुंचे थे।कथा के बीच जब लाला की सुन कर मैं आयी कौशल्या मैया दे दो बधाई और मेरी झोपड़ी में राम आए हैं जैसे भजनों की प्रस्तुति हुई तो पूरा पंडाल तालियों की गूँजऔर जयकारों से सराबोर हो गया।श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर नृत्य करने लगे।आध्यात्मिक अनुष्ठान के क्रम में कथा के पश्चात पंडाल में नौ कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके उपरांत सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया

और उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण हुआ।इस अवसर पर बेड़िया हनुमान मंदिर के महंत मदन गोपाल दास ने उपस्थित जनसमूह को अपना आशीर्वाद दिया। उन्होंने संदेश देते हुए कहा श्रीराम कथा केवल श्रवण का माध्यम नहीं है बल्कि यह जीवन की पाठशाला है। हमें भगवान राम के आदर्शों और उनके चरित्र को अपने वास्तविक जीवन में उतारना चाहिए तभी ऐसी कथाओं की सार्थकता है।इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।



