महुली के जलजलिया में 1150 फीट गहराई तक खनिज खोज, परमाणु ऊर्जा विभाग की टीम जुटी अन्वेषण में

दुर्लभ खनिज संपदा की तलाश में बोरिंग कर जुटाए जा रहे नमूने, जांच के लिए भेजे जाएंगे प्रयोगशाला
म्योरपुर/सोनभद्र (विकास अग्रहरि)
म्योरपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत महुली अंतर्गत जलजलिया क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सीमा से सटे जंगलों और खेतों में इन दिनों परमाणु ऊर्जा विभाग की अन्वेषण टीम दुर्लभ खनिज संपदा की खोज में सक्रिय है। टीम द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जमीन के भीतर छिपी धातुओं की उपस्थिति का पता लगाने के लिए गहन सर्वेक्षण किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जलजलिया क्षेत्र में करीब 1150 फीट गहराई तक बोरिंग कर मिट्टी और चट्टानों के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इन नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए अन्वेषण कार्यशाला और प्रयोगशालाओं में भेजा जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि क्षेत्र में किस प्रकार की खनिज संपदा मौजूद है।
हालांकि, इस पूरे मामले में परमाणु ऊर्जा विभाग की टीम आधिकारिक रूप से कोई जानकारी साझा करने से परहेज कर रही है, जिससे क्षेत्र में रह रहे लोगों के बीच जिज्ञासा बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोरों पर है कि यहां अत्यंत मूल्यवान और दुर्लभ खनिज मिलने की संभावना हो सकती है।
भू-वैज्ञानिकों की मानें तो सोनभद्र का दक्षिणांचल क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत प्राचीन और समृद्ध रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध भू-वैज्ञानिक डॉ. विभूति राय के अनुसार, इस तरह के अन्वेषण कार्य समय-समय पर होते रहते हैं और यदि दुर्लभ धातुओं के संकेत मिलते हैं तो आगे की कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा तय की जाती है। उन्होंने बताया कि यह पूरा इलाका धरती की उत्पत्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है और यहां की कई चट्टानें लगभग ढाई सौ करोड़ वर्ष पुरानी हैं, जिससे खनिज संपदा मिलने की संभावनाएं और बढ़ जाती हैं।
गौरतलब है कि म्योरपुर ब्लॉक के नवाटोला भूखु पहाड़ियों में भी पहले दुर्लभ खनिज संपदा के संकेत मिले थे, जिसकी खोज भी इसी विभाग की अन्वेषण टीम ने की थी। वर्तमान में उस क्षेत्र में लगभग 222 हेक्टेयर भूमि को चिन्हित कर आगे की प्रक्रिया जारी है।
जलजलिया क्षेत्र में चल रहे इस अन्वेषण कार्य ने एक बार फिर सोनभद्र के दक्षिणांचल को खनिज संपदा के लिहाज से महत्वपूर्ण बना दिया है। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट के आधार पर बड़े स्तर पर खनन या अन्य औद्योगिक गतिविधियों की संभावना भी बन सकती है।



