सोनभद्र

बेसिक शिक्षा की अप्रैल रैंकिंग जारी, कोन ब्लाक अव्वल, नगवां व राबर्ट्सगंज टाप 3 मे शामिल

सोनभद्र (विकास द्विवेदी) बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों की शैक्षणिक व प्रशासनिक गुणवत्ता सुधार के लिए लागू “डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान प्रोग्रेस मॉनिटरिंग डैशबोर्ड” की अप्रैल 2026 की रैंकिंग जारी कर दी गई है। इस रैंकिंग में विकास खंड कोन ने 56.52 के औसत स्कोर के साथ जनपद में पहला स्थान हासिल किया है। खंड शिक्षा अधिकारी विश्वजीत कुमार के नेतृत्व में ब्लॉक ने निपुण स्कूल असेसमेंट और शिक्षक उपस्थिति जैसे प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं नगवां ब्लॉक ने दूसरा और रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक ने तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस डिजिटल पहल के चलते आकांक्षी जिला होने के बावजूद सोनभद्र अब डिजिटल छात्र उपस्थिति और शैक्षिक पारदर्शिता के मामले में प्रदेश के अग्रणी जनपदों की श्रेणी में पहुंच गया है। इस डैशबोर्ड की नींव शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रखी गई थी, जिसमें 18 संकेतकों पर विद्यालयों की प्रगति की सघन निगरानी की गई। सफल परिणामों के बाद सत्र 2026-27 में इसे और विस्तारित कर 26 डाटा पॉइंट्स के माध्यम से ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण असेसमेंट, छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति सहित विभिन्न मानकों पर रियल-टाइम विश्लेषण किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस पहल को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखते हुए इसे प्रेरणा से भी जोड़ा है। प्रत्येक ब्लॉक में हर माह उत्कृष्ट शिक्षकों व संकुल शिक्षकों को सम्मानित करने की व्यवस्था लागू की गई है। वहीं विद्यालयों में “स्टार ऑफ द मंथ” छात्र चयन से बच्चों में प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ रहा है। हालांकि, म्योरपुर और दुद्धी जैसे दुर्गम ब्लॉकों में नामांकन और छात्र उपस्थिति अभी भी चुनौती बने हुए हैं, जहां ये क्रमशः 10वें और 9वें स्थान पर रहे। फिर भी यह डैशबोर्ड कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर सुधारात्मक रणनीति बनाने में सहायक साबित हो रहा है। जनपद में शिक्षकों की औसत उपस्थिति 89.10 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि सभी ब्लॉकों ने 100 प्रतिशत पाठ्यपुस्तक वितरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। प्रेरणा ऐप के माध्यम से छात्र उपस्थिति और मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) मॉनिटरिंग में भी उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय ने बताया कि विद्यालयों के लिए दैनिक कार्यों की चेकलिस्ट निर्धारित की गई है, जिससे प्रार्थना सभा, वार्षिकोत्सव और “उल्लास” ऐप पर साक्षरता पंजीकरण जैसी गतिविधियां नियमित रूप से हो रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रबंधन और प्रोत्साहन आधारित यह मॉडल भविष्य में “सोनभद्र मॉडल” के रूप में प्रदेश की एक सफल ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ बनकर उभरेगा।

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