बीएचयू कृषि वैज्ञानिकों ने बभनडीहा में किसान गोष्ठी कर बांटे बीज, जैविक खेती पर दिया जोर

म्योरपुर/सोनभद्र (विकास अग्रहरि)
स्थानीय ब्लाक के ग्राम पंचायत बभनडीहा के सामुदायिक परिसर में रविवार को बी.एच.यू के कृषि वैज्ञानिको ने किसान गोष्टी का आयोजन डॉ राम स्वरूप मीना के निर्देशन में किया गया । गोष्टी में ग्राम पंचायत बभनडीहा, भलूही व बलियरी के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के किसानों तथा समूह से जुड़ी महिलाओं को मक्का तथा उर्द के बीज वितरण कर जागरूक किया। वहीं जैविक खेती के साथ-साथ मिश्रित खेती के माध्यम से आर्थिक स्वलंबन बनाया जा सकता है। सबसे पहले इस कार्यक्रम के सभी अतिथियों का अंगवस्त्र से आयोजन मण्डल द्वारा समान रूप भेट किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख मान सिंह गोंड़ ने बताया कि इस प्रकार की कृषि संगोष्ठी का आयोजन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में बहुत कम हो पाता है क्योंकि यह क्षेत्र जनपद-सोनभद्र के सबसे अंतिम छोर है यहा कोई संस्था, कृषि वैज्ञानिक नहीं आते है तभी हम और हमारे किसान अपने समझ विवेक से खेती करता आ रहा है। यहा हमारे लिए एक समस्या पानी की है जो कि पहाड़ी है जल स्तर बहुत नीचा है ,पानी समस्या दूर कैसे किया जाए इस
पर गहन विचार करने की आवश्यकता है और छोटे छोटे किसानों टीम बनाकर खेती करे हम बेहतर आय प्राप्त कर सकते है व विशिष्ट अतिथि डाॅ अभिलाष ने कहा की यहा क्या बेहतर किया जा सकता है ताकि कम पानी सी खेती के साथ साथ उन स्थानों पर हम इमारती पौधे लगा सकते है जहाँ खेत पूरे वर्ष खाली रहता है व ढाल पर लगा सकते है , इसके लिये स्थानीय वन अधिकारों से बैठक करके अच्छी वन किस्मों का चयन किया जाये और इनकी पतियों से जैविक खाद भी तैयार किए जाए।
डाॅ दिनेश वन औषधीय वैज्ञानिक बी.एच.यू हमेसा कार्यक्रम अपना योगदान दे रहे आ रहे है उन्होंन बताया कि किसान का प्राकृतिक के साथ गहन जुड़ाव है भलिभाति जानता है कि किस समस्या समाधान करना पड़ सकता है यदि पानी नही है तो वह मौसम के अनुसार खेती करे व वर्षा की पानी संग्रह अपने खेत के किसी एक कोना कर ले तथा जैविक खेती के साथ औषधीय पौधों लगाये जिससे फल के साथ-साथ आय में भी वृध्दि होगा।
इसी कड़ी में कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता कृषि वैज्ञानिक डाॅ रामस्वरूप मीणा विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग भारत बी.एच.यू.बनारस ने दो वर्ष से लगातार इस प्रोजेक्ट पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहा जिसका परिणाम भी जमीनी स्तर पर दिख रहा है हमेसा किसानों से फीडबैक मिल रहा है। मीणा सर ने मक्का व उर्द की प्रशिक्षण जैसे गहराई से वुवाई से भण्डार तक की जानकारी दी।
साथ में.बी.एच.यू के शोध छात्र संजीव कुमार पीएचडी व मास्टर्स आजाद ने अपने अपने विचार साझा किये।
इस कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम प्रधान बभनडीह संत कुमार व ग्राम प्रधान बलियरी उमेश कुमार व किसान महिपत सिंह रामसिंह रामसरन राम प्यारे ,शान्ती देवी राजकुमारी तथा फिल्ड वर्कर रामाशंकर सहित 120 किसान शामिल रहे।



