विश्व फार्मेसी दिवस पर रामनगीना कालेज में आयोजित किये गए विविध कार्यक्रम

चिकित्सक भगवान का रूप तो फार्मासिस्ट को भगवान का दूत-सीपी सोनी
दुद्धी, सोनभद्र। विश्व फार्मेसी दिवस के अवसर पर क्षेत्र के मझौली गांव स्थित राम नगीना फार्मेसी कालेज में विविध कार्यक्रम आयोजित किये गए। संस्थान के प्रबंधक आनंद प्रकाश सिंह यादव व उप्र सरकार के सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट सीपी सोनी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर केक काटा गया। तत्पश्चात फार्मेसी छात्र-छात्राओं द्वारा पोस्टर, बैनर, स्टाल के माध्यम से लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन कर उनके कार्यों को अतिथियों ने सराहा ।
डायरेक्टर आनंद प्रकाश सिंह ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि फार्मासिस्ट दिवस हर साल 25 सितंबर को मनाया जाता है। इस तारीख का अपना अलग ऐतिहासिक महत्व है। वर्ष 1912 में इसी दिन अंतरराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन (एफआईपी) का गठन किया गया था। इसके बाद साल 2009 में एफआईपी ने फार्मासिस्ट को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस्तांबुल, तुर्की में एक सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय फार्मासिस्ट दिवस को औपचारिक रूप से मान्यता दी थी। इस साल यह फार्मासिस्ट दिवस का 16वां साल है। विश्व में पहली बार साल 2009 में फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया था
मुख्य अतिथि सीपी सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि चिकित्सक को भगवान का रूप कहा जाता है, ठीक उसी तरह फार्मासिस्ट को भगवान का दूत मानते हैं। दोनों का काम ही मरीज को खुशहाल करना हैं। दोनों का मरीज के लिए महत्व एक समान है। डॉक्टर और फार्मासिस्ट का एक ही लक्ष्य है कि बीमार को कैसे स्वस्थ किया जाए। कहा जाए तो दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। फार्मासिस्ट को केमिस्ट भी कहा जाता है। मेडिकल स्टोर्स पर आपको फार्मासिस्ट की ही सेवाएं मिलती है, जो आपको चिकित्सक की उपचार के लिए दी गई दवाएं उपलब्ध करवाने के साथ उनके लेने के तरीकों आदि की पूरी जानकारी देते हैं।
इस अवसर पर संस्थान के हिमांशु शर्मा, सीनियर लैक्चरर शैलेंद्र प्रताप सिंह,अनुष्का सिंह, इंद्र बहादुर यादव, साहिल गाज़ी, दंगल सिंह, शुभम सिंह, अभिषेक तिवारी , उपेंद्र यादव, शुभांगी अग्रहरी, गुलचंद कुमार, राकेश सिंह, विपिन यादव, शशिकांत यादव, अमित, ताम्रासपुरी सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



