राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग पहुंचा दुष्कर्म की पीड़िता के घर

दुद्धी, सोनभद्र। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य निर्मला सिंह पटेल का काफिला बुधवार को दुष्कर्म की पीड़िता छात्रा के गांव पहुँचा। पीड़िता के परिजनों से मिलकर वास्तविकता को जाना। गांव की ही दो छात्रा जिसमें एक छात्रा की दुष्कर्म के बाद मौत हो गई, वहीँ एक और छात्रा जिसके साथ बलात्कार हुआ उनके परिजनों से मिलकर उनकी पीड़ा को सुना। बलात्कार पीड़िता के परिजन में एक वृद्ध आदिवासी महिला ने कहा कि जब से बिटिया लोग स्कूल जाने लगे तभी से ऐसी घटनाएं होनी शुरू हो गई। वृद्ध महिला के अलावा गांव के लोगों ने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगने लगा है। परिजनों की बात सुनकर आयोग के सदस्य ने आश्वासन देते हुए कहा कि बच्चों को स्कूल भेजिए, किसी भी तरह की कोई अनहोनी अब नही होगी। बच्चों का मनोबल बढ़ाइए ताकि उनके भविष्य उज्ववल हो सके। बेटियां आने इस गांव के झांसी की रानी बनेंगी। दुष्कर्म पीड़िता के चाची ने उक्त मामले को उजाकर कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने का काम किया। अति पिछड़े जगहों से एक आदिवासी महिला ने लंबी लड़ाई लड़ी है। इसलिए जिला मुख्यालय से पीड़िता के चाची को पुरस्कृत किया जाएगा।

इसके पूर्व आयोग की सदस्य का काफिला कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय दुद्धी पहुंचकर निरीक्षण किया। कक्ष में पहुँचकर बालिकाओं की समस्या को जाना। निरीक्षण के समय विद्यालय में दरवाजे में जाली नही होने पर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से सभी खिड़की दरवाजा पर जाली लगाने के लिए बीइओ दुद्धी को निर्देशित किया। निरीक्षण करते हुए सदस्य द्वारा विद्यालय में किचन, शौचालय, साफ सफाई आदि सभी व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिये।
बघाडू गांव स्थित दारुल उलूम कादरिया नूरिया मदरसा में पहुँचकर भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर प्रभारी जिला प्रवेशन अधिकारी इंद्रावती यादव, संरक्षण अधिकारी रूमी पाठक, ओ आर डब्लू शेषमणि दुबे, केंद्र प्रशासक दीपिका सिंह, महिला थानाध्यक्ष राबर्ट्सगंज सविता सरोज, महिला थानाध्यक्ष दुद्धी संतु सरोज, अमवार चौकी इंचार्ज मनोज सिंह मौजूद रहे।



