वर्षा नहीं होने से कहीं सूख गई तो कहीं नाली की तरह पतली बह रही जीवनदायिनी

सावन में पानी को तरस रहीं नदियां
दुद्धी, सोनभद्र। इस साल सावन में भी दुद्धी क्षेत्र से होकर बहने वाली सोन की सहायक नदियां ठेमा, कनहर, लऊवा, पांगन जैसी छोटी-बड़ी नदियां पानी के लिए तरस रही है। बारिश नहीं होने से नदियों का जलस्तर काफी कम है। छोटी हो या बड़ी सभी नदियां नाले के आकार में सिमट कर रह गई है। दुद्धी से होकर बहने वाली सभी छोटी नदियों में नाम मात्र का पानी है। कुछ नदियां तो अभी भी सुखी है। ऐसा पिछले 10 वर्ष में पहली बार हुआ है। जब सावन में नदियां पानी के लिए तरस रही हो। प्रतिवर्ष सावन में नदियां लबालब हो जाती थी। जुलाई महीना लगभग अब समाप्ति की कगार पर है। देश के अलग-अलग राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। दुद्धी क्षेत्र में नहीं बारिश होने की वजह से नगर में अब भी लोग पानी की किल्लत से परेशान है। बारिश की बेरुखी की वजह से ठेमा, लऊवा जैसी नदियां सुखी हुई है। जिसकी वजह से आस पास के क्षेत्रों में रहनेवाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नदी की जगह नाले का रूप ले चुकी ठेमा नदी से लोग अब गंदा पानी पीने को मजबूर है।



