आरक्षण समेत अन्य मांगो को लेकर एसडीएम ओबरा को सौपा ज्ञापन

सोनभद्र (ओम प्रकाश गुप्ता) बहुजन सशक्तिकरण संघ एवं सामाजिक संगठन के द्वारा शनिवार के दिन उपजिलाधिकारी ओबरा को पाँच सूत्रीय ज्ञापन सौपा। मौजूद लोगो का कहना था की देश में कुछ जिम्मेदार संवैधानिक संस्थाओं द्वारा एससी एसटी ओबीसी एकता और आरक्षण को क्रीमी लेयर सिद्धांत द्वारा ध्वस्त करने की नियत साफ दिखाई दे रही है अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्गो के आरक्षण को भारतीय संविधान की 9 वी अनुसूची में शामिल किया जाए।
निजी क्षेत्र में प्रबंधन स्तर पर एससी/ एसटी/ओबीसी का प्रतिनिधित्व न के बराबर है। आज भी प्रतिदिन औसतन 125 अभियोग एससी एसटी एक्ट के दर्ज हो रहे हैं जिनमें शिकार होने वालों में जाति आधारित रहता है।अधिकारी कर्मचारी नेता नहीं देखा जाता है। साक्षात्कार में हर भर्ती आयोग एससी एसटी ओबीसी के सभी उम्मीदवारों को कम अंक दिए जाते हैं।आरक्षण प्राप्तकर्ताओं को बाटकर आरक्षण का दबाव बनाने वाले,संरक्षण करने वाले नेता, अधिकारी, कर्मचारी को अलग करके आरक्षण पूरा करते समय करेंगे कि योग्य अभ्यर्थी नहीं मिला है।देश से जातिवाद खत्म करने हेतु संवैधानिक संस्थाओं में बैठे लोगों को दिखाई नहीं देता है एससी एसटी ओबीसी का बंटवारा करना ही संवैधानिक संस्थाओं में बैठे लोगों का मकसद बनकर रह गया है। इसलिए संगठन पांच सूत्रीय माँग करता है।
(1) यह की एससी /एसटी आरक्षण मामले में क्रीमीलेयर का आदेश न होने दिया जाए।
(2) यह की ओबीसी का क्रीमी लेयर खत्म किया जाए।
(3) यह कि देश में जातियों का विनाश हेतु जातीबंदी कानून बनाया जाए।
(4) यह कि केंद्र व राज्य सरकारों की सभी परीक्षाओं में साक्षात्कार समाप्त किया जाए।
(5) यह की एससी एसटी ओबीसी आरक्षण कानून को 9 वीं अनुसूची में डालकर ज्यूडिशियल रिव्यू हटाया जाए।
ज्ञापन सौपने वालो मे मुख्य रूप से राजेंद्र प्रसाद, संजय कनौजिया,दिनेश कुमार,विकास कुमार,संजय ठाकुर,चंद्रकांत राव, डब्लू, रंगीला, दीपक विश्वकर्मा,गजेंद्र भारती,अनंत राम, सूरज, अजय कुमार, विशाल,सुशील, अमरजीत कुमार,धीरज कुमार,रोहित कुमार, संजय कनौजिया, विकास कुमार, दिनेश,संदीप,राजेश कुमार, दीपक विश्वकर्मा,एवं अजय कुमार डिम्पल, आदि लोग मौजूद रहे।



