ईएसआई अस्पताल की दुर्दशा पर निदेशक को भेजा पत्र
सोनभद्र का हर ठेका मजदूर हो ईएसआई में पंजीकृत- दिनकर
रेनूकूट, सोनभद्र। 27 हजार बीमाकृत मजदूर और उनके एक लाख परिजनों के इलाज के लिए चल रहे रेनूकूट स्थित जनपद के एक मात्र ईएसआई अस्पताल की दुर्दशा पर आज वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर ने क्षेत्रीय निदेशक ईएसआई कानपुर को पत्र भेजा है। पत्र द्वारा उनसे मांग की गई है कि तत्काल इस अस्पताल में बीमाकृत मजदूर और उसके परिजनों के इलाज के लिए बुनियादी सुविधाओं, विशेषज्ञ डाक्टरों विशेषकर महिला रोग विशेषज्ञ डाक्टर व पदो ंके सापेक्ष स्टाफ की भर्ती करने और यहां से वाराणसी के लिए रेफर किए मरीजों को यात्रा भत्ता देने के सम्बंध में आवश्यक कार्यवाही करे। साथ ही यह भी मांग की गई है कि अनपरा और ओबरा औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय निर्मित करने और जनपद सोनभद्र के सभी ठेका व खनन श्रमिकों को ईएसआई के तहत पंजीकृत करने के लिए कार्यवाही की जाए।
पत्र में कहा कि विगत दिनों इस अस्पताल का दौरा करने पर देखा गया था कि इतनी बड़ी संख्या में श्रमिकों के इलाज के लिए बने इस अस्पताल में न्यूनतम व्यवस्था भी नहीं है। यहां अल्ट्रासाउंड नहीं है, खून जांच के नाम पर महज मलेरिया, टाइफाइड, ब्लड शुगर और हिमोग्लोबीन की जांच होती है वह भी बेहद पुरानी और अउटडेटेड मशीनों द्वारा की जाती है। 5 विशेषज्ञ डाक्टरों के स्वीकृत पद पूरे खाली पड़े हुए है, सामान्य डाक्टरों के 19 स्वीकृत पदो ंके सापेक्ष महज 9 डाक्टर नियुक्त है। हालत इतनी बुरी है कि महिलाओं के इलाज के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टर न होने से महिलाओं के प्रसूति एवं महिला रोग सम्बंधी बीमारियों का इलाज नहीं हो पाता है। 12 स्टाफ नर्स के स्वीकृत पदो ंके सापेक्ष मात्र 3 स्टाफ नर्स है। अस्पताल में एक भी गार्ड नहीं है। यहीं नहीं अस्पताल में दर्जनों बेड होने के बावजूद भर्ती की कोई व्यवस्था नहीं है, गम्भीर मरीजों को रात में वापस घर भेज दिया जाता है। पत्र में यह भी कहा गया कि 2017 में भारत सरकार ने सोनभद्र जनपद के श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) के तहत आच्छादित किया था। बावजूद इसके अभी भी अनपरा व ओबरा तापीय परियोजना, अल्ट्राटेक डाला सीमेन्ट फैक्ट्री व खनन में लगे हजारों मजदूरों को ईएसआई में आच्छादित नहीं किया गया है। बार-बार अनुरोध के बाद भी अनपरा और ओबरा औद्योगिक क्षेत्रों में ईएसआई अस्पताल निर्मित नहीं किए गए। प्रेस को जारी बयान में दिनकर कपूर ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था उन्नत करने की बड़ी बयानबाजी होती है परन्तु मजदूरों के इलाज के लिए बने इस अस्पताल की दुर्दशा स्थिति को खुद बयां कर देती है। सरकार को इसे दुरूस्त करने की कार्यवाही करनी चाहिए अन्यथा इस पर बड़े आंदोलन की तैयारी की जायेगी।



