वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के बीच पहुंच एसडीएम ने बिखेरी चेहरों पर मुस्कान

अपनों द्वारा सितम ढाए वृद्ध महिला-पुरुषों के बीच पहुंचे एसडीएम

दुद्धी, सोनभद्र (एम.एस.अंसारी)। उपजिलाधिकारी सुरेश राय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निराश्रित होकर ठिकाना पाने वाले बुजुर्गों के बीच पहुंचकर आजादी का जश्न मनाया। नगर स्थित वृद्धा आश्रम में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने माना कि वृद्धा आश्रम अपनों के सितम से सताए गए वृद्धाओं के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। श्री राय ने कहा कि सुंदर भवन, उसके अंदर 22 वृद्ध महिला-पुरुष, उनके रहने से खाने-पीने और दवा तक का बेहतर इंतजाम है। इस आश्रम में जहां रहने वाले वृद्धों का कोई अपना नहीं है, लेकिन गैरों के हाथों से जीवन के आखिरी पड़ाव पर सहानुभूति और देखभाल का जो मरहम लग रहा है, वो उन्हें अपनों के फर्ज जैसा ही लग रहा है। इसके पूर्व एसडीएम श्री राय ने ध्वजारोहण किया।
ओल्ड एज होम की मैनेजर सविता सिंह ने बताया कि संभवतया वर्तमान में, आज वृद्धाश्रम की आवश्यकता बहुत बड़ी न भी लगती हो, लेकिन जिस तरह की आधुनिकता व महत्वाकांक्षाओं में हम जकड़े जा रहे हैं, यह हमारी भविष्य की आवश्यकता अवश्य ही बनने वाली है। जिससे वर्तमान समय में या आने वाले इससे भी अधिक अत्याधुनिक भविष्य में मनुष्यों को अथवा हमारी आने वाली पीढीयों को इसकी ज़रूरत अवश्य पड़ेगी। सामान्यतया, वृद्धाश्रम उस निवास स्थान को कहा जाता है जहाँ पर असहाय, अशक्त, निर्बल अथवा परिवार से विलग हो चुके वृद्ध स्त्री-पुरुषों को आश्रय दिया जाता है। जहाँ उनकी सभी आवश्यक ज़रूरतों की पूर्ती के लिए समाजसेवी संस्थाओं द्वारा या किन्हीं धार्मिक आश्रमों द्वारा सामुहिक सहायता प्रदान की जाती है। सरकार के सहयोग दुद्धी में एक छोटा सा प्रयास जारी है। जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर आम आदमी तक तक के सहयोग की आवश्यकता है। बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनना चाहिए। उनका समय-समय पर सीएचसी द्वारा कैम्प आयोजित कर चिकित्सकीय परीक्षण भी किया जाना चाहिए। इस अवसर पर सहायक स्टाफ वीर सिंह, अतुल मालवीय, लेखपाल सुशील पांडेय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



