रोजगार का सवाल हल करने के लिए सरकार गंभीर नहीं-संयुक्त युवा मोर्चा
सोनभद्र में पूंजी व युवाओं का पलायन चिंताजनक
म्योरपुर, सोनभद्र।
प्रदेश में बेरोजगारी का सवाल युवाओं के लिए उनके जीवन मरण का प्रश्न बन चुका है। सरकार के दावे जमीनी हकीकत के उलट हैं। इसमें भी सोनभद्र जैसे पिछड़े जिलों में बेरोजगारी की भयावह स्थिति है। भारी पैमाने पर युवाओं का पलायन हो रहा है, कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सोनभद्र में विकास और अन्य सवालों को लेकर दावे व घोषणाएं चाहें जो की गई हों लेकिन बेरोजगारी की समस्या के निदान के लिए सरकार गंभीर नहीं है। यहां इधर के वर्षों में भी प्राकृतिक संसाधनों की लूट न सिर्फ बदस्तूर जारी है बल्कि ईजाफा हुआ है जिससे प्रदूषण की समस्या विकराल हुई है। कल मुख्यमंत्री द्वारा सोनभद्र प्रवास पर जनपद के विकास की बड़ी बड़ी बातें की गईं लेकिन छात्राओं की दो आवासीय महिला डिग्री कालेज खोलने जैसी सामान्य मांग को भी अनदेखा किया गया। बेकारी के सवाल को हल करने और बदहाल शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में ठोस रूप से कुछ भी नहीं बोला गया जो नोटिस लेने लायक हो। उक्त बातें 113 युवा संगठनों द्वारा गठित संयुक्त युवा मोर्चा के देशव्यापी रोजगार अधिकार अभियान के तहत म्योरपुर क्षेत्र में युवाओं से संवाद करते हुए युवा मंच के प्रदेश संयोजक राजेश सचान ने कही। उन्होंने कहा कि जनपद से युवाओं व पूंजी का पलायन चिंताजनक है। आंकड़े बताते हैं कि बैंकों में नागरिकों का जमा पूंजी का 68 फीसद हिस्सा बाहर चला जाता है। अगर इस पैसे का उपयोग युवाओं को लोन देकर रोजगार सृजन में किया जाए, उद्यम खोलने के लिए उपयुक्त तकनीक व बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए और टमाटर, मिर्च आदि के प्रसंस्करण उद्योग खोले जाएं तो इन उपायों से रोजगार और साथ ही विकास का सवाल हल होगा। लेकिन सरकार इस दिशा में कुछ करने के बजाय महज प्रोपेगैंडा में लगी है। संवाद के दौरान युवा मंच जिलाध्यक्ष रूबी सिंह गोंड, संयुक्त युवा मोर्चा के म्योरपुर संयोजक आलोक गोंड, गुंजा गोंड, सुरेश गोंड, सोनू कुमार भारती, सुगवंती गोंड, सविता गोंड़, ज्ञान दास, गुलशन, अंजू आदि मौजूद रहे।



