युवाओं का पलायन रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए सरकार
ओबरा में शिक्षा-स्वास्थ्य व बेरोजगारी के सवाल पर मुहिम शुरू
ओबरा-सोनभद्र। बेरोजगारी के मुद्दे पर 113 संगठनों युवा संगठनों द्वारा गठित संयुक्त युवा मोर्चा के देशव्यापी रोजगार अभियान के तहत ओबरा पहुंचे केंद्रीय टीम के सदस्य राजेश सचान ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि सोनभद्र में बेरोजगारी की समस्या बेहद गंभीर है जिससे युवाओं का तेजी से पलायन बढ़ा है लेकिन इस सवाल के समाधान के लिए सरकार गंभीर नहीं है। कहा कि वादा किया गया था कि प्रोजेक्ट्स में स्थानीय युवाओं को वरीयता दी जाएगी लेकिन इसे भी लागू नहीं किया गया। गरीबों के पलायन को रोकने के लिए मनरेगा जैसी योजना कारगर साबित होती लेकिन इसमें बजट आवंटन घटता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर इस जिले में अगर निजी लूट पर रोक लगे, टमाटर प्रसंस्करण उद्योग आदि स्थापित हों, सिंचाई की समुचित व्यवस्था की जाए और सब्जियों समेत फसलों का उचित मूल्य किसानों को मिले तो जनपद में ही बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन संभव है। उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि सोनभद्र में सार्वजनिक बैंकों में नागरिकों के जमा धन का भी 68 फीसद बाहर चला जाता है। अगर इस धन को भी युवाओं को उद्यम खोलने के दिया जाए, तकनीक व बाजार की गारंटी सरकार करे तो इन उपायों से बेरोजगारी की समस्या हल होना मुमकिन है।
उन्होंने यह भी बताया कि रोजगार अधिकार अभियान में सोनभद्र में शिक्षा व स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के मुद्दे को भी उठाया जा रहा है। प्रस्ताव पारित कर ओबरा नगर में 100 बेड के अस्पताल खोलने की मांग सरकार से की गई। संवाद के दौरान संयुक्त युवा मोर्चा ओबरा तहसील के संयोजक धनपाल सिंह गोंड, मुनेश्वर पनिका, तुलसी गोंड, अखिलेश यादव, सुमन आदि मौजूद रहे।



