सोनभद्र

दहेज हत्या: दोषी सास – ससुर को उम्रकैद

* 26- 26 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
* साढ़े 10 वर्ष पूर्व दहेज में 10 हजार रूपये नकद व सोने की सिकड़ी नहीं मिलने पर जलाकर सुनीता की हुई हत्या का मामला

सोनभद्र (राजेश पाठक एड)। साढ़े 10 वर्ष पूर्व दहेज में 10 हजार रूपये नकद व सोने की सिकड़ी नहीं मिलने पर सुनीता को जलाकर हत्या करने के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्जमा की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी सास -ससुर को उम्रकैद व 26- 26 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक शाहगंज थाना क्षेत्र के नरैना गांव निवासी रामविलास पुत्र रामधनी ने पन्नूगंज थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसने अपनी बेटी सुनीता की शादी संजय पुत्र शिवकुमार निवासी ग्राम किचार, थाना पन्नूगंज, जिला सोनभद्र के साथ 5 जून 2012 को किया था। शादी में अपनी सामर्थ्य अनुसार खर्च किया था। बेटी विदा होकर अपनी ससुराल चली गई। करीब दो माह बाद दामाद संजय कमाने के लिए बांबे चले गए। उसकी बेटी सुनीता अपनी ससुराल में ही रही। दहेज में 10 हजार रूपये नकद व सोने की सिकड़ी की मांग को लेकर ससुर शिवकुमार, सास फूलमती उर्फ सुकुवरिया समेत 5 लोगों द्वारा बेटी सुनीता को प्रताड़ित किया जाने लगा। यहां तक धमकी दी जा रही थी कि अगर दहेज की मांग पूरी नहीं हुई तो सुनीता को मारकर रास्ते से हटा दिया जाएगा और संजय की दूसरी शादी कर दी जाएगी। जब बेटी से मिलने उसकी ससुराल गया था तो दहेज की मांग और प्रताड़ना की बात बताई थी तो उसके सास व ससुर से प्रताड़ित न करने की विनती करके बेटी सुनीता को ढाढस बंधाया और अपने घर आ गया। 5 दिसंबर 2012 को दोपहर 3 बजे बेटी सुनीता को मारपीट कर आग लगा कर जला दिया। शोरगुल सुनकर काफी लोग जुट गए। तब बेटी को राबर्ट्सगंज अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया जहां हालत गंभीर होने पर उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन उसे एक प्राइवेट अस्पताल में राबर्ट्सगंज ही भर्ती करा दिया। उधर दूसरे दिन दामाद ने फोन से बेटी के जलने की सूचना दी। जब बेटी से मिलने गया तो वह दर्द से कराह रही थी और सारी वाकए की जानकारी दी। हालत गंभीर होने पर बेटी को वाराणसी बीएचयू में ले जाकर जबरी भर्ती कराया। जब घर पैसा लेने आया तो पता चला कि 9 दिसंबर 2012 को बेटी सुनीता की मौत हो गई। इस तहरीर पर सास, ससुर समेत पांच लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की गई। मामले की विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में सिर्फ ससुर शिवकुमार व सास फूलमती उर्फ सुकुवरिया के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी ससुर शिवकुमार व सास फूलमती उर्फ सुकुवरिया को उम्रकैद व 26- 26 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने बहस की।

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