खसरा रोग उन्मूलन के लिए विशेष टीकाकरण अभियान को लेकर बैठक सम्पन्न

दुद्धी में खसरा पीड़ित दो बच्चों के मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भारत से 2023 तक खसरा उन्मूलन की है तैयारी
13 फरवरी से शुरू हो रहे टीकाकरण अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग हुआ सक्रिय
दुद्धी, सोनभद्र (एम.एस.अंसारी)। खसरा रोग संक्रामक वायरस के कारण होने वाला एक संक्रमण रोग है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बड़ी आसानी से फैल सकता है। खसरा होने पर इसमें पूरे शरीर पर लाल चकत्ते उभर आते हैं। खसरा होने पर यह लाल दाने शुरूआत में सिर पर होते हैं और फिर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर फैल जाते हैं। खसरा रोग को मिजल्स भी कहा जाता है। उक्त बातें सीएचसी अधीक्षक डॉ शाह आलम अंसारी ने केंद्र में खसरा उन्मूलन के लिए आगामी 13 फरवरी से शुरू हो रहे विशेष टीकाकरण अभियान के पूर्व
आयोजित विश्व स्वास्थ्य संगठन, नगर पंचायत, प्रतिनिधिगण व स्वास्थ्यकर्मियों की संयुक्त बैठक में कही। डॉ आलम ने यह भी बताया कि इस क्रम में नगर के वार्ड नंबर 11 में 2 खसरा प्रभावित बच्चों के मिलने के बाद कस्बे को प्राथमिकता के तौर पर सर्वे कराया जाने का निर्णय लिया गया है। आगामी 13 से 24 फरवरी तक चलने वाले विशेष टीकाकरण अभियान में डोर टू डोर स्वास्थ्यकर्मी और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां जाकर डाटा कलेक्ट व टीकाकरण करेंगी। 0-5 साल तक के सभी बच्चों को कम से कम 2 खुराक खसरे के टीके लगाने का लक्ष्य है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलांस मेडिकल आफिसर डॉ हेमंत अधिकारी ने बताया कि खसरा पैरामाइक्सोवायरस परिवार के एक वायरस के संक्रमण के कारण होता है। यह वायरस छोटे परजीवी रोगाणु होते हैं। खसरा पर प्रभावी नियंत्रण के लिये नौ माह व डेढ़ साल की उम्र में बच्चों को टीका लगाया जाता है। प्रभावी तौर पर रोग उन्मूलन के लिए 95 प्रतिशत बच्चों को टीकाकरण जरूरी है। निर्धारित मात्रा में सत्र का आयोजन, वैक्सीन की उपलब्धता, सभी बच्चों का ड्यू लिस्ट बने फिर सर्वे के आधार पर उनका टीकाकरण हो सके, इसके लिए लगातार जरूरी प्रयास हो रहे हैं।
अधिशासी अधिकारी भारत सिंह ने नगर में चलाए जाने वाले विशेष टीकाकरण अभियान में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
निवर्तमान चैयरमैन राजकुमार अग्रहरि ने नगर में खसरा प्रभावित बच्चों के मिलने पर चिंता जाहिर करते हुए अभियान में लगे कर्मियों को पूरी तन्मयता, पारदर्शिता और लगन से बच्चों का सर्वे और चिन्हित करने पर बल दिया। इस अवसर पर फील्ड मॉनिटर शैलेंद्र पांडेय, बीपीएम संदीप सिंह, प्रतिरक्षिकरण अधिकारी ठाकुर अतुल सिंह गहरवार, एएनएम नीलम त्रिपाठी, लकी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



