राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर आदिवासी सम्मेलन सम्पन्न

दुद्धी, सोनभद्र (एम.एस.अंसारी)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस के मौके पर क्षेत्र के नगवां गांव में आयोजित मेले एवं आदिवासी सम्मेलन का शुभारंभ वनवासी कल्याण सेवा आश्रम कारीडाढ के आनंद जी ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने कहा कि गुमनाम सुराजियों को पहचान दिलाने के लिए सेवा आश्रम की ओर से तमाम प्रयास किये जा रहे है। इसके पूर्व आदिवासी बाहुल्य गांव में बीते वर्ष स्थापित राष्ट्रपिता व गुमनाम सुराजियों की याद में लगाये गये स्तंभ की मुख्य अतिथि ने विशिष्ठ अतिथि चेरो समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व क्षेत्र के पूर्व विधायक हरिराम चेरो समेत अन्य अतिथियों के साथ बकायदे पूजन कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। बीते कई दशकों से गुमनाम स्वतन्त्रता संग्राम सेनानीयों को इतिहास के पन्नो में दर्ज करवाने के लिए ग्राम स्वराज समिति के संयोजक महेशानन्द भाई की अगुवाई में करीब दो दशक से यहां मेला के साथ ही आदिवासी महासम्मेलन का आयोजन कर शासन प्रशासन से प्रतिवर्ष दिवंगत हो चुके आदिवासी सुराजियों को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत है। पूर्व विधायक हरिराम चेरो ने इस कार्य को संपादित कराने में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। क्रय विक्रय समिति के चेयरमैन रामेश्वर राय ने आदिवासी सुराजियों के बलिदान को नमन करते हुए उनके जीवनी पर विस्तृत प्रकाश डाला। समारोह के आयोजक महेशानन्द भाई ने आदिवासियों से अपने बच्चो को शिक्षित करने की अपील करते हुए स्मारह में आये सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया। इसके पूर्व मंच से गुमनाम सुराजियों के वर्तमान पीढ़ी एवं ग्राम स्वराज अभियान में लगे आधा दर्जन स्वयं सेवकों को प्रमाण पत्र एवं अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। आदिवासी महासम्मेलन के दौरान आयोजित मेले का ग्रामीणों ने खूब लुत्फ लिया। इस मौके पर रामलोचन तिवारी, मनोज मिश्रा, हरिकिशुन सिंह खरवार, विश्वनाथ खरवार, फणीश्वर जायसवाल, डा गौरव सिंह आदि लोग उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था की कमान प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत राय भारी पुलिस बल के साथ संभाला हुआ था।



