जल, जंगल व जमीन के अधिकारों पर आदिवासियों का दावा मंजूर करें सरकार- विजय सिंह गोंड

दुद्धी, सोनभद्र (एम.एस.अंसारी)। स्थानीय तहसील में वनाधिकार कानून के तहत पूर्व मंत्री विजय सिंह गोंड व आदिवासी महिला नेता सुकालो ने जिलाधिकारी नामित ज्ञापन एसडीएम दुद्धी शैलेंद्र मिश्रा को सौंपा। पूर्व मंत्री विजय सिंह गोंड व आदिवासी महिला नेता सुकालो ने संयुक्त रूप से एसडीएम दुद्धी के समक्ष अपनी मांगो को रखते हुए कहा कि अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत समुदाय वन अधिकार कानून को संसद में पारित हुए 10 वर्ष से भी ऊपर हो चुके हैं, लेकिन अभी तक जनपद में ना ही व्यक्तिगत अधिकार एवं न ही सामुदायिक अधिकारों की प्रक्रिया पूर्ण हुई है। आदिवासी समुदाय के वन भूमि व अधिकारों की मान्यता अभी भी प्राप्त नहीं हुई है। जिसके कारण वन विभाग की गुंडागर्दी आए दिन बढ़ती जा रही है। वन आश्रित समुदाय आदिवासी एवं दलित समुदाय की खेती को नुकसान करना, खेतों में गड्ढा खोदना, फर्जी झूठे मुकदमों के तहत जेल भेजने की कार्रवाई हो रही है। आजादी के बाद से जल, जंगल व जमीन से वंचित रखना उनके संवैधानिक अधिकारों व संसद की अवमानना है। ऐसे में कई ग्राम सभाओं ने मिलकर यह तय किया है कि वह अपने सामुदायिक अधिकारों की दावों को जल जंगल व जमीन के अधिकारों पर दावा करेंगे। ताकि सरकार और प्रशासन को वनाधिकार कानून में प्रदान किए गए विशेष अधिकारों के प्रति चेताया जा सके। एसडीएम दुद्धी शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि ज्ञापन पत्र को शासन व सम्बंधित अधिकारियों को भेजकर आदिवासियों के भौमिक अधिकार मिले इसके लिए सदैव तत्पर हूँ।
ज्ञापन पत्र में जिले के कुल 16 गांव के दावे को स्वीकृति दिया जाए। जिसमे बिरसानगर मझौली, सोननगर जोरूखाड़, कोदवीनिया राबर्ट्सगंज, प्रेम नगर, गौतम बुद्ध नगर अमौली, विश्व नगर, हर्रा, दुर्गा टोला बाड़ी, भीमनगर, धनकुटवा, लीलासी, बसौलि, बेल्होर बसौलि, तितौली, विनियन नगर सहित अन्य कुल 16 गांव हैं।
दुद्धी तहसील क्षेत्र के कुल 9 गांव
बिरसानगर मझौली, देव नगर कादल, भारतीय नगर सरडीहा, धूमा गोहड़ा, सपहवा गोहड़ा, शिवपुर लिलासी, घाट पिंडारी, करचा मधुबन।



